होम/religion/adra-parv-nature-importance-history-significance

अद्रा पर्व क्यों होता है खास? जानिए इस दिन प्रकृति और खेती की पूजा का महत्व

अद्रा पर्व क्यों होता है खास? जानिए इस दिन प्रकृति और खेती की पूजा का महत्व
धर्म
01 Jul 2026, 05:30 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

अद्रा पर्व के आगमन के साथ ही प्रकृति का स्वरूप बदलने लगता है। मानसून की शुरुआत, किसानों की नई उम्मीदें और सदियों पुरानी लोक परंपराएं इस पर्व को खास बनाती हैं। अद्रा पर्व केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि ये प्रकृति, कृषि और संस्कृति का अनोखा संगम है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि इंसान की खुशहाली प्रकृति और धरती की समृद्धि से जुड़ी हुई है।

अद्रा पर्व क्या है?

अद्रा पर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत में मनाया जाता है। झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में यह एक प्रमुख लोक पर्व माना जाता है। यह पर्व तब मनाया जाता है, जब सूर्य अद्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है। इसे वर्षा ऋतु की शुरुआत और खरीफ फसलों की बुआई के शुभ समय का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीण समाज इस अवसर पर धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करता है और अच्छी फसल की कामना करता है।

अद्रा पर्व क्यों मनाया जाता है?

लोक मान्यताओं के अनुसार, अद्रा नक्षत्र के दौरान अच्छी वर्षा होने से खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। इसलिए किसान इस दिन अच्छी बारिश, भरपूर फसल, परिवार की सुख-समृद्धि और खेतों की सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं। यह पर्व मनुष्य, प्रकृति और धरती के गहरे संबंध का प्रतीक माना जाता है।

अद्रा पर्व कब मनाया जाता है?

अद्रा पर्व हर वर्ष जून के अंतिम दिनों या जुलाई की शुरुआत में मनाया जाता है। जब सूर्य अद्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है, उसी समय यह पर्व मनाया जाता है। इसकी तिथि पंचांग के अनुसार हर वर्ष बदलती रहती है।

अद्रा पर्व किसके लिए मनाया जाता है?

यह पर्व मुख्य रूप से अच्छी वर्षा, सफल खेती और भरपूर उपज की कामना के लिए मनाया जाता है। साथ ही परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी यह महत्वपूर्ण अवसर होता है।

अद्रा पर्व कैसे मनाया जाता है?

इस दिन घरों में खीर, पूरी, दाल, मौसमी सब्जियां, आम और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। परिवार के सभी सदस्य एक साथ भोजन करते हैं। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामूहिक आयोजनों का भी आयोजन किया जाता है। किसान खेतों, फसलों और धरती माता की पूजा करते हैं तथा अच्छी वर्षा की कामना करते हैं।

जानकार क्या कहते हैं?

लोक संस्कृति के जानकारों का मानना है कि अद्रा पर्व केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय कृषि संस्कृति और प्रकृति संरक्षण की भावना का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सम्मान और धरती के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है।

आज भी अद्रा पर्व क्यों है खास?

आधुनिक समय में भी अद्रा पर्व का महत्व कम नहीं हुआ है। जलवायु परिवर्तन, अनियमित मानसून और खेती से जुड़ी चुनौतियों के बीच यह पर्व प्रकृति और कृषि के प्रति लोगों की आस्था को मजबूत करता है। लोग आज भी अच्छी वर्षा, बेहतर फसल, परिवार की खुशहाली और सामाजिक समृद्धि की कामना के साथ इस पर्व को मनाते हैं। यही वजह है कि बदलते समय में भी अद्रा पर्व अपनी सांस्कृतिक और कृषि परंपरा के कारण उतना ही प्रासंगिक बना हुआ है।

कंटेंट- नेहा कुमारी


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2026 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.