NEET-UG 2026 रद्द होने पर गहलोत-पायलट ने सरकार पर साधा निशाना, तो किरोड़ी मीणा ने किया पलटवार

NEET-UG 2026 का पेपर लीक होने के बाद आखिरकार NTA ने उसे रद्द कर दिया। राजस्थान में लीक हुए इस राष्ट्रीय स्तर के पेपर के लीक होने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच अब सियासी वार छिड़ गया है। कांग्रेस इसे सरकार की नाकामी बता रही है तो बीजेपी कह रही है कि पूर्व गहलोत सरकार को अपने कार्यकाल में झांकना चाहिए कि उनके टाइम पर कितने पेपर लीक हुए।
अशोक गहलोत ने कहा, पेपर लीक के खबर के बाद ही FIR दर्ज क्यों नहीं
दरअसल अशोक गहलोत ने नीट पेपर लीक पर कहा कि "यह समझ से बाहर है कि 3 तारीख को परीक्षा ली गई थी और छात्रों ने 3,4 तारीख को ही शिकायत की थी कि पेपर लीक हुआ था। यह समझ से बाहर है कि क्या कारण था जो FIR दर्ज नहीं की गई? अब सवाल है कि 2024, 2025 और 2026 में लगातार 3 सालों तक पेपर लीक हुआ है। इससे हमारी नौजवान पीढ़ी बहुत दुखी है। ये एक बहुत बड़ी चुनौती है। हमें पता लगाना चाहिए कि इस समस्या का समाधान क्या होना चाहिए। ये बहुत दुखद घटना है।"
सचिन पायलट बोले- सरकार आंखें मूंदे बैठी
वहीं सचिन पायलट ने कहा कि NEET 2026 के पेपर की तैयारियों के लिए लाखों छात्रों ने विश्वास और लगन के साथ एक साल तक तपस्या के साथ मेहनत करी। आज परीक्षा को पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया गया। लेकिन, ज़िम्मेदारी किस पर तय होगी? NTA जैसी अहम संस्थान की विश्वसनीयता पर “पेपर लीक” का दाग लगा है। ये पहली बार नहीं कि NTA के आयोजित परीक्षा का पेपर लीक हुआ हो, इससे पहले भी NEET 2024 के पेपर लीक हुए। सरकार ने अपनी आंखें क्यों मूंद रखी हैं? छात्रों को न्याय कब मिलेगा? पायलट ने कहा कि सवाल वही है कि परीक्षा व्यवस्था में विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी?
किरोड़ी बोले- अपने कार्यकाल की बात क्यों नहीं करती कांग्रेस
इधर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के दौरान अधिकांश भर्ती परीक्षाएं विवादों में रहीं और पेपर लीक के कई मामले सामने आए। उन्होंने दावा किया कि एक मामले में FIR दर्ज कराने के लिए उन्हें खुद कई दिनों तक थाने में बैठना पड़ा, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें ही हिरासत में ले लिया गया।
उन्होंने कहा कि जिनके कार्यकाल में इतने गंभीर मामले सामने आए हों, उन्हें वर्तमान सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल का भी आकलन करना चाहिए। उनके मुताबिक, पेपर लीक के मामलों ने युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया।
डोटासरा बोले - बच्चों की सारी तैयारी बाजार में बेच दी
PCC अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि NEET 2026 परीक्षा रद्द होना सिर्फ एक परीक्षा का निरस्त होना नहीं है, ये मोदी सरकार लीक व्यवस्था और भाजपा सरकार और पेपर लीक माफियाओं की सांठगांठ का पर्दाफाश होना है। राजस्थान में भाजपा के संरक्षण में पेपर लीक माफियाओं ने लाखों युवाओं की मेहनत, सालों की तैयारी और उनके सपनों को खुलेआम बाजार में बेच दिया, और सरकार तमाशा देखती रही।
मोदी सरकार और भाजपा शासित राज्यों में आज देश की सबसे बड़ी परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। एक के बाद एक पेपर लीक, भर्ती घोटाले और अब NEET जैसी परीक्षा का रद्द होना इस बात का सबूत है कि भाजपा राज में मेहनत नहीं, बल्कि पेपर लीक माफियाओं से सेटिंग और संरक्षण का खेल चल रहा है। NEET पेपर लीक में भाजपा के कई प्रभावशाली लोगों के नकल माफियाओं से तार जुड़े होने के मामले सामने आ रहे हैं, देश उम्मीद करता है कि CBI को निष्पक्ष जांच कर युवाओं के सपनों का सौदा करने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलवाएगी।
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