इतनी ज्यादा दरिंदगी! गर्भपात नहीं करा पाया पति तो पीट-पीट कर पत्नी को उतारा मौत के घाट, भ्रूण तक निकला बाहर

Bhilwara: भीलवाड़ा से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली और मानवता को कलंकित करने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी भी सभ्य समाज का सिर शर्म से झुक जाएगा। भीलवाड़ा का हमीरगढ़ इलाका बुधवार की रात एक ऐसी चीख का गवाह बना, जिसे सुनकर पड़ोसियों के कलेजे कांप गए। एक पति, जिसे रक्षक होना चाहिए था, वो भक्षक बन गया। उसने ना केवल अपनी 36 साल की पत्नी रोलीदेवी की बेरहमी से हत्या की, बल्कि उसके कोख में पल रहे 6 महीने के मासूम को भी इस दुनिया में आने से पहले ही दरिंदगी के साथ खत्म कर दिया।
अवैध संबंधों के शक में पत्नी को मार दिया
ये पूरी घटना हमीरगढ़ थाना क्षेत्र की BSL फैक्ट्री कॉलोनी की है। आरोपी गोपी सिंह यादव, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और यहां मजदूरी करता था, उसने अपनी दूसरी पत्नी रोलीदेवी के साथ वो किया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी गोपी अपनी पत्नी पर अवैध संबंधों पर आरोप लगाता था। रोलीदेवी के पहले से चार बच्चे थे और वो पांचवीं बार गर्भवती थी। आरोपी को शक था कि ये बच्चा उसका नहीं है। वो इस कदर सनक में था कि उसने 6 महीने के गर्भ को गिराने के लिए गर्भपात की गोलियां मंगवाईं। जब रोलीदेवी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए गोलियां लेने से इनकार किया, तो गोपी के अंदर का शैतान जाग उठा।
इतना पीटा कि भ्रूण बाहर निकल आया
बुधवार की रात, घर के अंदर एक खौफनाक मंजर था। आरोपी ने रोलीदेवी के सिर को बार-बार दीवार और जमीन पर पटका। घर में मौजूद चार मासूम बच्चे-अंकिता, सुहानी, अभिराम और अनमोल-अपने पिता के पैरों में गिरकर मां की जान की भीख मांगते रहे, बिलखते रहे, लेकिन गोपी का दिल नहीं पसीजा।
क्रूरता की पराकाष्ठा तो तब हुई जब मारपीट के दौरान या जबरन दबाव डालने के कारण 6 महीने का भ्रूण शरीर से बाहर आ गया। पड़ोसियों ने जब चीख-पुकार सुनी तो वे दौड़े आए और लहूलुहान हालत में रोलीदेवी को महात्मा गांधी अस्पताल ले गए। अस्पताल के डॉ. वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि जब "महिला को लाया गया था तब तक काफी ज्यादा ब्लीडिंग हो चुकी थी फिर भी डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं और शरीर से खून इतना बह चुका था कि इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस खौफनाक वारदात में कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इस हैवानियत को अंजाम दिया। गांव में इस बात की चर्चा है कि रोलीदेवी और उसके उस अजन्मे बच्चे को इंसाफ तभी मिलेगा जब अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
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