दौसा में बाइक चोरी के शक में युवक की हत्या के बाद धरने पर बैठे परिजन, 8.5 लाख रुपये और संविदा नौकरी पर बनी सहमति

Dausa murder case: दौसा के बसवा में बाइक चोरी के शक में युवक की हत्या के बाद शुरू हुआ बवाल शुक्रवार को थम गया। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को 8.5 लाख रुपये का मुआवजा, संविदा नौकरी और सीईओ से मामले की जांच कराने समेत सभी मांगें मान ली है। बता दें कि युवक के परिजन विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 21 घंटे से धरने पर बैठे थे। मांगों पर सहमति बनने के बाद युवक का पोस्टमाॅर्टम हुआ और शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
बता दें कि पूरा मामला गुरुवार का है। यहां पंडितपुरा जाने वाले मार्ग पर बाइक चुराने के शक में दिनेश कुमार मीणा पुत्र कैलाशचंद निवासी बांदीकुई को कुछ लोगों ने पेड़ से बांध दिया। इसके बाद कुछ लोगों ने युवक के साथ मारपीट की। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को आजाद कराया और हाॅस्पिटल में भर्ती कराया लेकिन इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।
21 घंटे से चल रहा था गतिरोध
युवक की मौत की खबर जब परिजनों को मिली तो वे हाॅस्पिटल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों ने पोस्टमाॅर्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद गुरुवार शाम 4 बजे से शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक धरना दिया। इसके बाद कांग्रेस के कई कार्यकर्ता भी परिजनों के समर्थन पर धरने पर आकर बैठ गए। इसके बाद आला अधिकारियों ने परिजनों से समझाइश की लेकिन बात नहीं बनी।
मृतक की मां ने कराई नामजद FIR
ऐसे में आज सुबह करीब 10 बजे प्रशासनिक अधिकारियों ने फिर से वार्ता की। इस दौरान कई मांगों पर सहमति बन गई। हालांकि मृतक के ससुराल वाले सरकार से 50 लाख रुपये का मुआवजा मांग रहे थे लेकिन प्रशासन ने लोगों को 8.5 लाख रुपये के मुआवजे पर राजी कर लिया। इसके साथ ही परिवार के सदस्य को संविदा नौकरी देने की बात भी समझौते में शामिल की गई। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच में जुटी है। मामले में मृतक की मां ने कई लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।
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