दिनेश मीणा मॉब लिंचिंग पर पहली बार किरोड़ी लाल मीणा की प्रतिक्रिया, बोले- किसी को नहीं छोडूंगा

Dousa: दौसा में दिनेश मीणा मॉब लिंचिंग मामले में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने दिनेश को मौत के घाट उतारने वाले लोगों को कहा है कि ये घटना सभ्य समाज के लिए गंभीर चिंता पैदा करती है। इन्हें खुद को कानून लेने की क्या जरूरत थी। ये खुद ही अदालत बन गए हैं।
मेहंदीपुर बालाजी में एक कार्यक्रम के दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से कहा कि अगर दिनेश मीणा ने कुछ गलत किया था जिसका लोगों को शक था तो उसे कानून के हवाले करना चाहिए था, पुलिस को बुलाना चाहिए था, लेकिन यहां लोग खुद ही अदालत बन गए हैं, खुद सजाएं दे रहे हैं। ये सब एक सभ्य समाज के लिए एक चिंता पैदा करता है। किरोड़ी ने कहा कि जो भी दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल ये मामला दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव का है। 24 साल का युवक दिनेश मीणा अपने घर से महज बाल कटवाने के लिए निकला था। रास्ते में कुछ लोगों ने उसे घेरा और शक जताया गया कि उसने बाइक चुराई है। इसी शक के आधार पर दिनेश को एक नीम के पेड़ से बांध दिया गया। इसके बाद जो हुआ, वो इंसानियत को शर्मसार करने वाला था। लाठी, डंडे, लात और घूंसे...चीखते हुए युवक पर बेरहमी से बरसाए गए। वो रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन भीड़ के दिल में संवेदना का एक कतरा तक नहीं जागा। नतीजा, दिनेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
साढ़ 8 लाख रुपए एक सदस्य को सरकारी नौकरी
इस घटना के बाद दिनेश मीणा के परिवार ने शुक्रवार तक सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने इस मामले पर विरोध जताया और परिवार की मांग प्रशासन के सामने रखी। फिर कहीं जाकर लंबे प्रदर्शन के बाद इनकी मांगें पूरी कराई गईं। प्रशासन ने लोगों को 8.5 लाख रुपये के मुआवजे पर राजी कर लिया। इसके साथ ही परिवार के सदस्य को संविदा नौकरी देने की बात भी समझौते में शामिल की गई। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच में जुटी है। मामले में मृतक की मां ने कई लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।
5 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश और दौसा एसपी पीयूष दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस की स्पेशल टीमों ने दिन-रात एक कर दिया। अब, बसवा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। इस खूनी खेल के 5 मुख्य किरदारों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
ये हैं अशोक, रिंकू, रायसिंह, महेंद्र, गिर्राज। इन सभी पर हत्या, अवैध रूप से बंधक बनाने और गंभीर धाराओं सहित (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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