भैराणा धाम में बेनीवाल की कूच तो भाटी ने आने से किया इनकार, संतों की आज महापंचायत

Jaipur: जयपुर के दूदू में भैराणा धाम में पर्यावरण बचाने के लिए संतों का अग्नितप अब अपने चरम पर आ गया है। बुधवार को यहां संतों की महापंचायत का आयोजन हो रहा है। यहां पर RLP के कार्यकर्ता कई दिनों से तैयारियों में लगे हुए हैं। हनुमान बेनीवाल भी यहां पर आ रहे हैं। जयपुर और अजमेर संभाग के सातों जिलों से RLP के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर पीले चावल बांटे हैं। हनुमान बेनीवाल और उनके समर्थकों के आगे मौसम का ये टॉर्चर फेल साबित हो रहा है।
रविंद्र भाटी ने क्यों किया इनकार
दूसरी तरफ रविंद्र भाटी ने इस कार्यक्रम में आने से मना कर दिया है। रविंद्र सिंह भाटी ने सोशल मीडिया X पर कहा कि “आज दादू दयाल की तपोस्थली भैराणा धाम में पावन भूमि पर प्रदेश सरकार के किए जा रहे अतिक्रमण के विरोध एवं सनातन धर्म की रक्षा हेतु संत समाज द्वारा किए जा रहे भूमि रक्षा आंदोलन में संतों के आग्रह पर सम्मिलित होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ। किन्तु गत तीन सप्ताह से गिरल में स्थानीय मजदूर भाइयों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन में निरंतर व्यस्त रहने के कारण स्वयं उपस्थित नहीं हो पाऊँगा।“
रविंद्र भाटी ने कहा कि “मैं समस्त प्रदेशवासियों से विनम्र अपील करता हूँ कि आप सभी इस पुण्य कार्य में सहभागी बनकर सनातन की रक्षा एवं संत समाज के समर्थन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। धर्म, संस्कृति और संत परंपरा की रक्षा हम सभी का कर्तव्य है।“
सोती रही कांग्रेस, RLP ने लपक लिया मुद्दा
सियासी जानकारों का इस मुद्दे पर कहना है कि जब मुद्दा जनता और आस्था का हो, तब असली विपक्ष का काम सोशल मीडिया पर बैठकर ट्वीट करना नहीं, बल्कि चिलचिलाती धूप में सड़क पर उतरना होता है। अब जरा सोचिए, वैसे तो यह मुद्दा प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को उठाना चाहिए था। लेकिन कांग्रेस तो अपनी ही धुन में मस्त दिखाई दे रही है।
लेकिन इस मुद्दे को हनुमान बेनीवाल ने लपक लिया है। पिछली बार भी वे भैराणा धाम में जाकर संतों के पक्ष में बात करके आए थे। जनता कह रही है कि भैराणा धाम में यह कोई आम कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनशक्ति का महासंगम होने जा रहा है जो सरकार की तानाशाही को आईना दिखाएगा।
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