भैराणा के संतों को नहीं चाहिए बेनीवाल का साथ, बोले हमें राजनीति नहीं करनी, सरकार के 3 मंत्री आज करेंगे संतों के साथ बैठक

Jaipur: जयपुर के दूदू में संत शिरोमणि दादूदयाल की 500 साल पुरानी पावन तपस्थली 'भैराणा धाम' को लेकर छिड़ा संग्राम अब सीधे जयपुर के सत्ता के गलियारों तक पहुंच चुका है। RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल की संतों के साथ महापंचायत के बाद जो सियासी बवाल पैदा हुआ उसका असर अब दिखने लगा है। दरअसल सरकार के 3 मंत्री आज भैराणा धाम जाकर संतों के साथ बातचीत करेंगे।
बीते सोमवार को भी चला था बैठकों का दौर
दरअसल बीते दिन भैराणा धाम संघर्ष समिति की प्रशासन से बैठकें हुईं, बातचीत चली। समिति का कहना है कि अब वो सियासत से दूर रहना चाहती है। समिति का कहना है कि सोमवार को जो बातचीत हुई वो सकारात्मक रही। जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने कहा कि बैठक हुई है, संतों की कई मांगे ऊपरी स्तर पर पहुंचा दी गई हैं। हालांकि कोई लिखित में आदेश नहीं आया है इसलिए संतों ने आंदोलन जारी रखने को कहा है।
आज 3 मंत्री जाएंगे भैराणा धाम
अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर मंगलवार को 3 मंत्री भैराणा धाम जाएंगे। जो संतों से बात कर इस विवाद का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। इससे पहले बीते सोमवार को संतों के प्रतिनिधिमंडल ने गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के आवास पर बैठक की थी। इसमें खाद्य मंत्री सुमित गोदारा और PHED मंत्री कन्हैयालाल चौधरी भी शामिल थे।
मंत्री गोदारा ने बताया कि संतों का भी कहना है कि वे रीको के के विरोध में नहीं हैं, बस धार्मिक स्थल के लिए उन्हें चिंता है कि यहां पर कोई उद्योग नहीं लगाए। ये जमीन छोड़ दे। मंत्री ने बताया कि भैराणा धाम पर परिक्रमा वाले क्षेत्र को लेकर जो दिक्कतें आ रही हैं, उसका बातचीत से हल निकालेंगे।
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