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Right Way to make Formula Milk: नवजात शिशु के लिए फॉर्मूला मिल्क कैसे बनाएं? 3 सबसे जरूरी बातें जिन्हें नजरअंदाज करने से बच्चे की सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर

Right Way to make Formula Milk: नवजात शिशु के लिए फॉर्मूला मिल्क कैसे बनाएं? 3 सबसे जरूरी बातें जिन्हें नजरअंदाज करने से बच्चे की सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर
स्वास्थ्य
11 Dec 2025, 07:35 pm
रिपोर्टर : Dushyant

How to make baby formula Milk: एक नवजात बच्चे के लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी और पौष्टिक होता है उसकी माँ का दूध। माँ का दूध बच्चे को उसकी ग्रोथ, हेल्थ, इम्युनिटी और न्यूट्रिशन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन कभी कभी किसी किसी वजह से या किसी परिस्थितिवश बच्चे को माँ का दूध नहीं मिल पाता। ऐसे में डॉक्टर बच्चे को पाउडर वाला फार्मूला मिल्क पिलाने की सलाह देते हैं। फार्मूला मिल्क को इस तरह से बनाया जाता है, जिससे बच्चे को सभी पोषक तत्व मिल जाये।

लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि दूध को सही तरीके से तैयार किया जाये। जिन व्यक्तियों को इसकी खबर नहीं होती, वे आमतौर पर सही से पाउडर वाले दूध को तैयार नहीं कर पाते, जिससे बच्चे की सेहत पर उल्टा असर होता है। सही फ़ॉर्मूला मिल्क तैयार करना कुछ मुश्किल नहीं है। आइये, आपको बताते हैं सही पाउडर फ़ॉर्मूला मिल्क तैयार करने का तरीका, बस रखें इन 3 बातों का ध्यान –


किन चीज़ों का रखें ध्यान

1. सही अमाउंट :- डॉक्टर के अनुसार, फ़ॉर्मूला मिल्क बनाने के लिए सबसे ज़रूरी है पानी में पाउडर की मात्रा। पाउडर की कम या ज्यादा मात्रा बच्चे के लिए उल्टा असर कर सकती है। पाउडर ज्यादा होने से दूध गाढ़ा हो जाता है, जिसे एक नवजात का पेट नहीं पचा सकता। और अगर पाउडर कम रह गया, तो दूध पतला रह जायेगा, जिससे नवजात को ज़रुरत के हिसाब से पूरा न्यूट्रिशन मिल जाता है।

क्या है सही तरीका :- पाउडर के डब्बे में एक चम्मच आती है। ऊपर की लाइन तक एक पूरा भरा हुआ चम्मच 30 ml गुनगुने पानी में मिलाना ही सही रहता है।


2. दूध दो घंटे से ज्यादा पुराना नहीं :- जो माँ-बाप इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं, वो बचे हुए दूध को रख लेते हैं और बाद में बच्चे को पिला देते हैं। लेकिन ये गलत है। फ़ॉर्मूला मिल्क को 2 घंटे से ज्यादा रखने से उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इसे पीने से बच्चे में उलटी, दस्त जैसी दिक्कत हो सकती है। इसलिए दूध को तैयार करने के बाद बचा हुआ दूध फेंक दें। 2 घंटे से ज्यादा पुराना दूध बच्चे को नहीं पिलायें।


3. बोतल को तेज़ी से नहीं हिलाएं :- बोतल में पानी और पाउडर डालने के बाद उसे तेज़ी से हिलाना दूध में बुलबुले बना देता है। ऐसे दूध को पीने से बच्चे को पेटदर्द और गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए दूध को हिलाने के बजाये धीरे धीरे मिलाएं। इसके लिए किसी बर्तन में चम्मच का इस्तेमाल करें या फिर बोतल को गोल गोल घुमाएँ।




नोट :- उपरोक्त तथ्य केवल सामान्य सूचना देते हैं। अधिक जानकारी के लिए चिकित्सक या विशेषज्ञ से सलाह लें।


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