रुपये ने गिरने में बनाया नया रिकॉर्ड! डॉलर के मुकाबले 96.05 पर पहुंचा, अब जनता की जेब पर पड़ेगा भारी असर

Indian Rupee falls All Time Low Against Dollar: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच चुका है। रूपया डॉलर की तुलना में गिरकर निम्नतम 96.05 पर आ गया है। शुक्रवार 15 मई को रूपया गिरकर 96.05 पर आ गया और दिन ख़त्म होने तक 95.94 Rs. per Dollar पर ट्रेड बंद हुआ।
आखिर क्यों महंगा हुआ डॉलर?
इंटरनेशनल मार्केट का बड़ा हिस्सा सोना (Gold) और कच्चे तेल से कण्ट्रोल होता है। अगर गोल्ड या crude oil की कीमतों इज़ाफ़ा होता है, तो ग्लोबल मार्केट में भी महंगाई होती है। भारत अपने crude oil की ज़रुरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से इम्पोर्ट करता है और इंटरनेशनल मार्केट में तेल की ये खरीद डॉलर में होती है। भारत को भी ये ट्रेड डॉलर में करनी होती है, जिससे भारत का विदेशी मुद्रा भंडार प्रभावित होता है। खरीद के लिए डॉलर पर ज्यादा निर्भर होने से रूपया कमज़ोर हो रहा है।
रूपया गिरने का क्या होगा असर?
जब भी किसी देश की मुद्रा गिरती है, तो उस देश में इम्पोर्ट होने वाली चीज़ों के दाम बढ़ जाते हैं। इसका कारण भी वही है – ट्रेड और खरीद डॉलर में होना। भारत का रुपया गिरने से कच्चा तेल महंगा होगा, जिससे पेट्रोल-डीजल भी महंगे होंगे। इम्पोर्ट होने वाले इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, मशीनरी, गाड़ियाँ, इंडस्ट्रियल गुड्स, गैस, इत्यादि महंगे हो जाएँगे। साथ ही, पढाई और घूमने-फिरने के लिए विदेश यात्रा भी महँगी होगी।
रुपये का गिरना भारत की अर्थव्यवस्था में झटके ला सकता है। कमज़ोर रुपये से अर्थव्यवस्था की प्रगति में मुश्किलें पैदा होंगी और बिज़नेस में घाटा, बढती महंगाई, शेयर मार्केट में अस्थिरता और विदेशी कर्ज़े में बढ़ोतरी जैसी दिक्कतें सामने आएंगी।
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