होम/undefined/met-gala-2026-jaipur-gauravi-kumari-padmanabh-singh

मेट गाला में जयपुर का रॉयल टच, गौरवी कुमारी और पद्मनाभ सिंह ने राजस्थान की संस्कृति से बिखेरा जलवा

मेट गाला में जयपुर का रॉयल टच, गौरवी कुमारी और पद्मनाभ सिंह ने राजस्थान की संस्कृति से बिखेरा जलवा
जयपुर
05 May 2026, 06:05 pm
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Met Gala 2026: फैशन की दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित इवेंट Met Gala 2026 में राजस्थान का राजसी टच देखने को मिला। जयपुर राजघराने की प्रिंसेस गौरवी कुमारी (Gauravi Kumari) और महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह (Padmanabh Singh) ने डेब्यू किया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की शाही विरासत और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाई। दुनिया भर के हाई-प्रोफाइल सेलेब्रिटीज़ और डिजाइनर्स के बीच ये पहली बार है जब जयपुर के इस राजसी जोड़ी ने एक साथ Met Gala के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। जहां उनका उद्देश्य सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और शिल्प कौशल का सम्मान था।

गौरवी कुमारी का शानदार लुक

गौरवी कुमारी ने प्रबल गुरुंग (Prabal Gurung) की डिज़ाइन किया गया आउटफिट पहना, जो उनकी दादी महारानी गायत्री देवी की पिंक शिफॉन साड़ी से इंस्पायर है। इस साड़ी को मॉडर्न गाउन में बदलकर इतिहास और आज के फैशन को जोड़ा गया। उनके इस लुक ने ना सिर्फ शाही विरासत के प्रति सम्मान जताया, बल्कि जयपुर के ‘पिंक सिटी’ की पहचान को भी नए सिरे से पेश किया। गौरवी कुमारी ने साड़ी के साथ मोती, पोल्की और रूबी जूलरी से अपने लुक को कंप्लीट कियाजो पारंपरिक और आधुनिकता का परफेक्ट बैलेंस दिखा रहे थे।

पद्मनाभ सिंह का शाही अंदाज

भाई-बहन की इस जोड़ी में पद्मनाभ सिंह ने मिडनाइट ब्लू वेलवेट Phulgar कोट पहना, जिस पर करीब 600 घंटे की कढ़ाई का शिल्प शामिल है। ये ड्रेस पारंपरिक जरी, आरी और दबका कढ़ाई और जयपुर की ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक रूप में दिखाता है।

यहां उनकी इस ड्रेस में काफी अट्रैक्टिव वर्क किया गया था। इसमें लाइट यानी सूर्य के प्रकाश का प्रतीक- सूर्य मोटिफ और जड़ाऊ-पोल्की जूलरी से सजाया गया था। जो उनके सूर्यवंशी वंश और भारतीय रॉयल्टी के गौरव को विश्व मंच पर उजागर कर रहा था।

फैशन के साथ संस्कृति का संगम

इस साल का Met Gala थीम “Fashion Is Art” था, जिसमें हर पोशाक को एक कला के तौर पर पेश किया गया था। जयपुर के शासकों की ये मौजूदगी ना सिर्फ फैशन के लिए थी बल्कि भारतीय शिल्प और संस्कृति को सम्मानित करने का संदेश भी थी, जो दर्शाती है कि परंपरा और आधुनिकता को कैसे एक साथ लाकर एक बेजोड़ मिसाल पेश की जा सकती है।


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2025 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.