होम/undefined/nagaur-theft-case-rajasthan-high-court-slams-police-for-consulting-tantrik

चोरी के गहने ढूंढने तांत्रिक के पास पहुंची पुलिस! राजस्थान हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

चोरी के गहने ढूंढने तांत्रिक के पास पहुंची पुलिस! राजस्थान हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
राजस्थान
21 May 2026, 02:50 pm
रिपोर्टर : Dushyant

Nagaur Theft Case: कैसा लगे आपको अगर आपके घर में चोरी हो जाए और पुलिस आपका सामान ढूँढने के लिए तांत्रिक के पास चली जाए। जी हाँ, नागौर से ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहाँ पुलिस ने चोरी किये गहने ढूँढने के लिए तांत्रिक की मदद ली और महिला के ससुर पर ही चोरी का आरोप लगा दिया।

पीड़ित की शिकायत के बाद मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि पुलिस किसी भी आपराधिक मामले की जांच के लिए किसी तांत्रिक के इशारों पर नहीं चल सकती। न्यायाधीश ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए नागौर के SP को मामले में जांच अधिकारी बदलने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 80 वर्षीय खेमी देवी ने 8 मार्च 2026 को नागौर जिले के श्रीबालाजी थाने में FIR दर्ज कराई थी कि पिछली रात उनके घर से उनकी बहू के गहने चोरी हो गए हैं। चोरी सामान में डेढ़ तोला सोना, 300 तोला चांदी और 24 हजार रुपये नकद सहित तकरीबन 12 लाख रुपये का सामान था। पीडिता ने शिकायत में कुछ लोगों पर शक भी जताया और उनके नाम जांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल रतिराम को दिए, लेकिन पुलिस ने तरीके से जाँच नहीं की और चोरों तक नहीं पहुँच पाई।

(Police seeks Tantrik Help) इसके बाद खेमी देवी ने 8 मई को कोर्ट में याचिका दायर की और आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने मामले की जाँच करने के बजाय तांत्रिक का सहारा लिया। कहा कि जाँच अधिकारी बहू के पिता और गांव के कुछ बुजुर्गों को एक तांत्रिक के पास ले गया और तांत्रिक के कहने पर पुलिस ने बहू के पिता को ही आरोपी मान लिया और बिना कोई सबूत के उन्हें फंसाना शुरू कर दिया।

कोर्ट में पेश की गयी स्टेटस रिपोर्ट में भी सामने आया कि जांच अधिकारी तांत्रिक के पास गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि तांत्रिक के मिलने भर से मामले में पूरी जांच पर इसका असर पड़ सकता है। इसलिए कोर्ट ने नागौर एसपी को आदेश दिया कि 15 दिनों के अंदर जांच अधिकारी को हटाकर किसी दूसरे थाने के सब-इंस्पेक्टर या किसी ऊंची रैंक के अधिकारी को मामले की जांच सौंपी जाए।

अदालत ने कहा कि मामले में असली अपराधियों की पहचान के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2025 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.