NEET-UG 2026 पेपर लीक: 7 महीने पहले ही मिल गया था NEET का पेपर! CBI जांच में राजस्थान–हरियाणा का नेटवर्क बेनकाब

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में दो बड़े खुलासों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। एक तरफ CBI ने राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैले इस संगठित नेटवर्क की तहकीकात तेज कर दी है, वहीं दूसरी तरफ ये बात सामने आई है कि परीक्षा से 7 महीने पहले दिवाली के आसपास ही पेपर लीक की जानकारी कुछ कोचिंग नेटवर्क में घूम रही थी।
जांच एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले हैं कि कथित सॉल्वर गैंग और कोचिंग लिंक वाले कुछ लोगों के पास 2026 का क्वैश्चन पेपर पहले से ही मौजूद था और इसे चुनिंदा छात्रों को मोटी रकम लेकर मुहैया कराने की कोशिश की गई।
राजस्थान में सबसे बड़ा ऐंगल: 13 संदिग्ध CBI के रडार पर
राजस्थान में कम से कम 13 संदिग्धों को एजेंसियों ने चिन्हित किया है। इनमें कोचिंग से जुड़े लोग
बिचौलिए और कुछ निजी संस्थानों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा जांच में अहम कड़ी ये भी मिली कि कई संदिग्धों ने पेपर की उपलब्धता को लेकर दिवाली वाले हफ्ते में ही बातचीत की थी। इसके आधार पर CBI ने राजस्थान SOG से दस्तावेज और कॉल-डाटा एनालिसिस मांगा है।
150 संदिग्धों की लिस्ट तैयार, कई राज्यों में लिंक
CBI ने जांच एजेंसी ने एक से ज्यादा राज्यों में सक्रिय गिरोहों के 150 से ज्यादा संदिग्ध लोगों की एक लिस्ट तैयार की है। इन पर आरोप है कि इन्होंने परीक्षार्थियों को पेपर के बदले 10–25 लाख रुपये तक की डील ऑफर की थी। हरियाणा और महाराष्ट्र में भी कुछ नाम CBI ने नोट किए हैं, जिनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
वहीं शुरूआती जांच में वॉट्सऐप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और ऑफलाइन नेटवर्क के कई सबूत मिले हैं जो पेपर के लीक होने के दावे से मेल खाते हैं।
NTA पर सवाल, छात्रों में नाराज़गी
इधर परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराज़गी बढ़ी है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केन्द्रों पर कड़ी चेकिंग के बावजूद पेपर कैसे बाहर गया? NTA की निगरानी व्यवस्था में यह इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
कई मेडिकल एसोसिएशन्स ने NTA की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और कुछ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
CBI अब किस एंगल पर जांच कर रही है?
नीट पेपर लीक के तार कहां से शुरू होकर कहां-कहां तक गए और कहां खत्म हुए, CBI हर वो परत खोल रही है। पेपर पहली बार कहां लीक हुआ? क्या सचमुच दिवाली के आसपास ही पेपर तैयार होकर बाजार में पहुंच गया था? ये सब कुछ CBI की जांच में शामिल है। इसीके साथ राजस्थान–हरियाणा–महाराष्ट्र नेटवर्क की असली कड़ियां क्या हैं? कोचिंग संस्थानों और बिचौलियों की क्या भूमिका रही? साथ ही इस लीक में क्या किसी सरकारी कर्मचारी भी शामिल है? इन सबकी जांच के लिए CBI ने संबंधित राज्यों की पुलिस को पेपर लीक चेन की टाइमलाइन और तकनीकी सबूतों को शेयर करने के निर्देश दिए हैं।
अब कब होगी अगली परीक्षा?
NTA ने अभी नई तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि जांच की बुनियादी रूपरेखा साफ होते ही नई परीक्षा की तारीख जारी कर दी जाएगी। कुछ रिपोर्ट का कहना है कि ये प्रक्रिया कुछ ही हफ्तों में पूरी की जा सकती है।
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