Red Sea: लाल सागर का रंग लाल ही क्यों है? सच जानकर उड़ जाएंगे होश

Red Sea: दुनिया में कई ऐसे समुद्र हैं जो अक्सर ऊपर से तो शांत दिखते हैं, लेकिन अंदर अलग ही राज़ दबाए बैठे होते हैं, जिन्हें जानकर शायद इंसान एक वक्त के लिए सोच में पड़ जाए। कुछ ऐसा ही है रेड सी के साथ। कई लोग इसे खून का सागर भी कहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाल सागर हमेशा लाल नहीं रहता, बल्कि इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है? यही नहीं, क्या आप जानते हैं कि बाइबल की कथा के मुताबिक रेड सी यानी लाल सागर को भगवान ने दो हिस्सों में बाँट दिया था?
कहां पर है लाल सागर
रेड सी मिस्र और मिडिल ईस्ट के बीच में बहने वाला सागर है, जो उत्तरी दिशा में स्वेज नहर (Suez Canal) से मेडिटेरेनियन सी (Mediterranean Sea) से जुड़ता है और दक्षिण में अदन की खाड़ी से अरब सागर में मिल जाता है।
क्यों कहते हैं इसे लाल सागर?
इसके नाम के पीछे मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक कारण है। इस सागर के पानी में ट्राइकोडेस्मियम एरीथ्रियम (Trichodesmium erythreum) नाम का एक खास साइनोबैक्टीरिया (Algae) पाया जाता है। जब यह बैक्टीरिया/एल्गी मर जाते हैं या पानी में इनकी संख्या बढ़ जाती है, तो पानी लाल या भूरे रंग में बदल जाता है। इसके अलावा रेड सी को अपना नाम ग्रीक भाषा से मिला, क्योंकि ग्रीक में एरिथ्रा थालासा का मतलब होता है लाल सागर।
क्यों है यह खास
लाल सागर दुनिया के सबसे खारे (Salty) समुद्रों में से एक है। इसकी मुख्य वजह यह है कि यहां का तापमान बहुत ज्यादा रहता है, जिससे पानी में इवेपोरेशन (Evaporation) तेजी से होता है। खास बात यह है कि इस सागर में कोई बड़ी नदी नहीं गिरती। यहां करीब 1200 से ज्यादा मछलियों और 200 से ज्यादा प्रकार के कोरल रीफ का घर है। इनमें से लगभग 10% प्रजातियां ऐसी हैं जो दुनिया में और कहीं नहीं मिलतीं।
करीब 1400 साल पहले जब यहूदी लोग मिस्र में गुलाम थे, कहा जाता है कि मिस्र के फरोह का पूरे अफ्रीका पर राज था और वह यहूदियों पर काफी अत्याचार करता था, जिससे लोग बहुत परेशान थे। लेकिन तभी मोसेस (मूसा) उनकी मदद करने आए।
मोसेस यहूदियों को लेकर मिडिल ईस्ट की तरफ निकल पड़े, लेकिन उनके रास्ते में एक बहुत बड़ी मुश्किल थी — रेड सी (Red Sea)। सामने विशाल समुद्र था और पीछे मिस्र की बड़ी सेना उनका पीछा कर रही थी। तभी एक ऐसी घटना हुई जिसने सबको हैरान कर दिया। मोसेस ने अपनी छड़ी उठाई और समुद्र को दो हिस्सों में बाँट दिया। समुद्र के बीच एक रास्ता बन गया, जिससे यहूदी लोग सुरक्षित दूसरी तरफ पहुंच गए, जबकि पीछा कर रही सेना पानी में डूब गई।
कई अर्चियोलॉजिस्ट (Archaeologists) इस कहानी को सिर्फ एक मिथ मानते हैं। वहीं कुछ लोगों का दावा है कि समुद्र के अंदर ऐसी चीजें और हथियार (Weapons) मिले हैं जो उस समय के मिस्र से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि आज तक ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं मिला है।
इस लिंक को शेयर करें

