सीकर में नकली घी फैक्ट्री का भंडाफोड़! सरस-लोटस स्टिकर लगाकर बेचा जा रहा पाम ऑयल से बना घी

Sikar: सीकर जिले में प्रशासन ने नकली घी (Fake Ghee Factory) बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मरते हुए बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। रींगस के पास सरगोठ गांव में रींगस पुलिस और सीकर की डीएसबी ब्रांच ने मिलकर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली घी तैयार करने वाली फैक्ट्री पकड़ी और 210 किलो नकली घी बरामद कर लिया।
जाँच टीम को नकली घी बनाने वालों के खिलाफ इनपुट मिला था। इनपुट के आधार पर टीम ने आरोपी कमलेश राजपूत के मकान पर छापेमारी की और 210 किलो नकली घी बरामद किया। आरोपी अपने घर में पाम ऑयल (Palm Oil Adulteration) और फ्लेवर मिलाकर नकली घी बना रहे थे, जिसे सरस और लोटस जैसे बड़े ब्रांड्स के स्टिकर लगाकर बाजार में बेचा जा रहा था।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान लोटस घी के 14 भरे हुए टिन, 140 खाली टिन, दो पैकिंग मशीनें, सरस के टिन, पाम आयल के 21 डब्बे, दीपज्योति के 4 खाली टिन और बड़ी मात्रा में नकली स्टिकर मौके से जब्त किए। पुलिस ने आरोपी कमलेश राजपूत को गिरफ्तार कर कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
एडिशनल एसपी दीपक गर्ग के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पता चला कि आरोपी लंबे समय से खाटूश्यामजी, रींगस और आसपास के क्षेत्रों में शादी समारोहों, होटलों और दुकानों में आधी कीमत पर यह नकली घी सप्लाई कर रहा था।
शुरूआती जांच में सामने आया कि इस नकली घी को आरोपी बहुत ही कम कीमत में तैयार करता था और फिर इसे दोगुनी कीमत पर बाज़ार में बेचकर मुनाफा कमा रहा था। साथ ही, शादियों और फंक्शन में मार्केट रेट से आधी कीमत पर माल सप्लाई करता था।
पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर दूसरी कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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