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कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसा: 6 लोगों को कुचलने वाले शिवम को 7 घंटे में मिली जमानत - रिमांड अर्जी पर कोर्ट ने पूछा 'गिरफ्तारी क्यों?'

कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसा: 6 लोगों को कुचलने वाले शिवम को 7 घंटे में मिली जमानत - रिमांड अर्जी पर कोर्ट ने पूछा 'गिरफ्तारी क्यों?'
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12 Feb 2026, 08:41 pm
रिपोर्टर : Admin User

Kanpur Lamborghini Accident Case: कानपुर में 8 फ़रवरी को लेम्बोर्गिनी चलाकर 6 लोगों रौंदने वाले शिवम मिश्रा को गिरफ़्तारी के सिर्फ 7 घंटों के अंदर ही ज़मानत मिल गयी है। आरोपी की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस ने कोर्ट से आरोपी को 14 दिनों तक रिमांड में रखने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पीड़ित पहले ही समझौता कर चुका है और जाँच में सहयोग करने को राज़ी है। ऐसे में किस कारण से हिरासत की मांग की जा रही है। इसका इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर कोई जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद कोर्ट ने न्यायिक हिरासत की मांग नामंज़ूर कर दी।

क्या है पूरा मामला?

आरोपी शिवम मिश्रा तम्बाकू कारोबारी के.के. मिश्रा का बेटा है, जो कानपुर में दोपहर करीब सवा तीन बजे VIP रोड, ग्वालटोली क्षेत्र पर तेज़ स्पीड में लेम्बोर्गिनी गाडी चला रहा था। अचानक कार नियंत्रण से बाहर हो गयी और सड़क पर खड़े 6 लोगों को कुचल दिया। एक बुलेट सवार को भी टक्कर मारी, जो उछलकर कई फीट दूर गिर गया।

हादसे में 6 लोगों को गंभीर चोटें आई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शिवम को भीड़ से बचाते हुए बाहर निकाला। गनीमत रही कि हादसे में किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई।

क्या कहा कोर्ट ने?

शिवम की गिरफ़्तारी के बाद जब पुलिस ने उसे कोर्ट के सामने पेश किया, तब कोर्ट ने सवाल पूछा कि शिवम मिश्रा को गिरफ्तार करने की क्या ज़रुरत थी? पुलिस ने जवाब दिया कि आरोपी शिवम पूछताछ और जाँच में सहयोग नहीं कर रहा था, इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया और रिमांड पर लेने की मांग की गयी।

लेकिन, इसके उलट, शिवम ने कोर्ट में कहा कि वह पुलिस जाँच में सहयोग करने के लिए तैयार है। साथ ही कहा कि वह अपनी ताकत का इस्तेमाल करके किसी को नहीं धमकाएगा और ना ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा। इस कथन के बाद कोर्ट में शिवम को रिमांड पर लेने की अर्ज़ी को ख़ारिज कर दिया और 20 हज़ार रुपये का बेल बॉन्ड भरने के बाद उसे छोड़ने का पुलिस को आदेश दिया।


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