सर्दियों में आंवले का जूस पीना क्यों है फायदेमंद? जानें सेहत से जुड़े जबरदस्त लाभ

जैसे ही सर्दी की शुरुआत होते ही वातावरण में बदलाव महसूस होने लगता है। सर्दियों के साथ ही आंवले (Amla) का मौसम भी आ जाता है, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। सर्दी के मौसम में आंवले की एक प्राकृतिक वरदान की तरह काम करता है। यह न केवल शरीर को ठंड के प्रभाव से बचाने में मदद करता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। सर्दी में अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है आंवला शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बचाता है।
सर्दियों का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही इस मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखना पडता है। ठंडी हवाओं और बदलते तापमान के कारण खांसी, जुकाम और इम्यूनिटी कमजोर होती है। ऐसे में आंवला (Amla) विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो सर्दियों में होने वाली सर्दी, खांसी और अन्य संक्रमणों से बचाने में मदद करता है। यह पाचन स्वास्थ्य में भी सुधार करता है, त्वचा और बालों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
कैसे बनाएं आंवले का जूस
आंवला (Amla) जूस पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट है, क्योंकि इससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है और पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है। आंवले का जूस बनाने के लिए आंवले को अच्छी तरह धोकर, उसको छोटे टुकड़े में काट लें। अब पालक और धनिया की पत्तियों को अच्छी तरह से धो लें। 4 आंवले का जूस बनाने के लिए एक-एक मुट्ठी पालक और धनिया को मिक्सी जार में डालें और सभी को आधा गिलास से काम पानी डालकर पीस लें। अब इसे छानकर एक बर्तन में भूना जीरा और काला नामक या सेंधा नमक डालकर मिक्स कर दें। आपका आंवले का जूस तैयार है। आंवले का सीजन शुरू होने के बाद आप इसे रोज एक गिलास पिएं।आंवला और सर्दी: सेहत का मजबूत रिश्ता
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है:
आंवला विटामिन C का भरपूर स्रोत है, जो हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। ठंड के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। यह शरीर को संक्रमण से लड़ने, सूजन कम करने और श्वेत रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है।गले की खराश और खांसी में राहत:
आंवले का रस या मुरब्बा गले को आराम देता है और बलगम को साफ करता है। आंवला गले की खराश और खांसी में राहत दे सकता है क्योंकि इसमें एंटीवायरल और सूजन-रोधी गुण होते हैं जो गले की जलन को शांत करते हैं और सर्दी के लक्षणों को कम करते हैं। आप इसे कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं।
त्वचा और बालों की देखभाल:
आंवला बालाओं और स्किन दोनों के लिए ही अमृत समान है। सर्दियों में त्वचा रूखी हो जाती है, लेकिन आंवला त्वचा को भीतर से पोषण देकर चमकदार बनाए रखता है। बालों के झड़ने और रूसी की समस्या में भी यह लाभकारी है। पोर्स को मज़बूत करता है और इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट स्कैल्प के संक्रमण को कंट्रोल करता है। बालों को मजबूती मिलती है। बाल झड़ने से रोकता है और उन्हें समय से पहले सफेद होने से भी बचाता है।
पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है:
आंवला पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो कब्ज और अपच को दूर करता है। यह पेट में एसिडिटी को नियंत्रित करने में मदद करता है और लीवर को डिटॉक्सीफाई करता है। सर्दियों में भारी भोजन के कारण पाचन गड़बड़ हो सकता है, लेकिन आंवला पाचन को संतुलित करता है। इसमें मौजूद हाई फाइबर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पाचन शक्ति मजबूत होती है।
बल्ड शुगर को नियंत्रित करता है:
आंवला रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इसमें क्रोमियम होता है जो कार्बोहाइड्रेट चयापचय को नियंत्रित करता है और इन्सुलिन सेंसटिविटी को बढ़ाकर ब्लड शुगर को नियंत्रित करने मदद करता है जो डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद है। इसके अतिरिक्त, आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में सहायता करते हैं।
आंवला में मौजूद कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. यह मानसिक स्वास्थ्य और याददाश्त में सुधार करने में मददगार होता है।कहा जाता है कि खाली पेट आंवाले का जूस पीना फायदेमंद होता है. बेहतर परिणाम के लिए इसे नियमित रूप से पीने की सलाह दी जाती है।
इस लिंक को शेयर करें