सर्दियों में कौन-सा आटा है सबसे फायदेमंद? जानिए रागी, बाजरा और ज्वार की रोटी के लाभ

सर्दियों का मौसम शुरू हो गया है और इस मौसम में हमारी डाइट बदल जाती है। रोजाना खाने वाली गेहूं की रोटी को कई लोग सर्दियों में आटा बदलकर खा रहे हैं। इस समय शरीर को गर्म और ताकतवर बनाने के लिए सुपरस्टार आटा यानी रागी, बाजरा और ज्वार के आटे की रोटी को प्राथमिकता दी जाती है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि कौन-सा आटा सर्दियों में सबसे फायदेमंद है और कैसे इसे घर पर हेल्दी रोटी के रूप में तैयार किया जा सकता है।
ज्वार की रोटी – ग्लूटेन फ्री और हल्की हेल्दी रोटी
ज्वार का आटा ग्लूटेन फ्री होता है, इसलिए यह एलर्जी और गैस्ट्रिक प्रॉब्लम वाले लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। ज्वार की हेल्दी रोटी वजन नियंत्रित रखने में मदद करती है और इसमें प्रोटीन, फाइबर, फॉस्फोरस और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। दिनभर एनर्जेटिक रहने के लिए आप ज्वार के आटे की रोटी दोपहर या रात के खाने में शामिल कर सकते हैं। यह सर्दियों में हल्की सबसे बेहतरीन रोटी के रूप में काम आती है। हालांकि, ज्वार की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह पूरी तरह से शरीर को गर्म नहीं रखती।
रागी की रोटी – कैल्शियम और गर्मी का सुपरस्टार
रागी का आटा सर्दियों में आटा के रूप में सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। रागी की तासीर गर्म होती है, जिससे यह सर्दियों में शरीर को गर्म और मजबूत रखने में मदद करता है। रागी की सबसे बेहतरीन रोटी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद होती है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। इस वजह से इसे सर्दियों में खाने से सेहत और गर्मी दोनों का ख्याल रखा जा सकता है।
बाजरे की रोटी – आयरन और गर्माहट का पावर-पैक
बाजरा सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में बेहद फायदेमंद है। बाजरे की रोटी में आयरन, मैग्नीशियम, प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसे खाने से सर्दी-खांसी और जुकाम जैसी बीमारियों से बचाव होता है। बाजरे की सबसे बेहतरीन रोटी दोपहर के खाने में शामिल करना बेहतर रहता है। यह पेट को हल्का रखती है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने की वजह से डायबिटीज के मरीजों के लिए भी हेल्दी रोटी साबित होती है।
गेहूं की रोटी – सामान्य लेकिन संतुलित विकल्प
उत्तर भारत में लोग रोजाना गेहूं की रोटी खाते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। हालांकि, इसका ज्यादा सेवन वजन बढ़ा सकता है। शुगर और थायराइड के मरीजों को इसे अन्य आटे के साथ मिलाकर खाना चाहिए। सर्दियों में गेहूं की रोटी को सुबह और दोपहर के खाने में खाना अच्छा होता है। रात में गेहूं की रोटी से पाचन में दिक्कत हो सकती है। फिर भी, यह सुपरस्टार आटा के विकल्प के रूप में काम आती है।
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