हनुमान बेनीवाल ने PM मोदी से की भजनलाल सरकार के मंत्री की शिकायत, जानिए पूरा मामला?

Hanuman beniwal: नागौर सांसद हनुमान बेनावाल ने भजनलाल सरकार के चिकित्सा मंत्री को निशाने पर लिया है और निशाना भी ऐसा कि शिकायत सीधे प्रधानमंत्री मोदी तक इनकी शिकायत पहुंचा दी। ये मामला जुड़ा है सरकारी अस्पतालों की लैब जांच का, जिसका जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा गया है। दरअसल राजस्थान में हाल ही में एक नया मॉडल लागू किया गया, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों की 100 से ज्यादा तरह की जांचें एक प्राइवेट कंपनी को आउटसोर्स कर दी गईं। लेकिन सांसद हनुमान बेनीवाल का आरोप है कि ये मॉडल जनता की सेवा के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के लिए लाया गया है।
हनुमान बेनीवाल के संगीन आरोप
इसे लेकर हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर संगीन खुलासे किए हैं। उनका आरोप है कि कई जगहों पर बिना मरीज का खून लिए ही कंप्यूटर से फर्जी रिपोर्ट जेनरेट की जा रही हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कई ऐसे मामले आए हैं जहां बिल्कुल स्वस्थ लोगों को थायराइड और कैंसर जैसी बीमारियों की रिपोर्ट थमा दी गई।
चिकित्सा मंत्री को कहा नाकारा और गैर जिम्मेदार
सांसद बेनीवाल ने इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को 'नाकारा' और 'गैर-जिम्मेदार' तक कह डाला। उनका कहना है कि जिस मंत्री के अपने गृह जिले नागौर की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, वो पूरे प्रदेश का क्या भला करेंगे?
बेनीवाल का सबसे गंभीर आरोप ये है कि जिस निजी कंपनी को यह ठेका दिया गया है, उसके तार सीधे मंत्री के करीबी लोगों से जुड़े हैं फिर उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल पूछा है कि आखिर इस कंपनी को इतनी लापरवाही के बाद भी संरक्षण क्यों दिया जा रहा है?
बेनीवाल ने इसे केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक 'आपराधिक कृत्य' करार दिया है और उन्होंने पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि राजस्थान की जनता को इस 'प्राइवेट लूट' से बचाया जा सके। अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस निजी लैब के काम की उच्च स्तरीय समीक्षा करेगी? क्या मुख्यमंत्री अपने मंत्री के विभाग में चल रहे इस 'कथित भ्रष्टाचार' पर लगाम लगाएंगे?
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