Pachpadra Refinery Fire Incident: NIA करेगी पचपदरा रिफाइनरी में आग मामले की जांच

बाड़मेर/बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में आग की घटना ने देश भर की सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मचा दी। रिफाइनरी में आग कोई हादसा थी, लापरवाही थी या फिर ये किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी, इन सभी सवालों का जवाब अब जल्द मिलने वाला है। क्योंकि इसकी जांच अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी NIA करेगी। जी हां, अब NIA यानी नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी अब पचपदरा रिफाइनरी की जांच करेगी।
किन-किन पहलुओं पर NIA करेगी जांच
NIA अब हर एक एंगल, हर एक पहलू से जांच होगी कि ये आग लगी तो लगी कैसे। इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार इस हादसे को एक सोची-समझी साजिश मान रही है जिसका अंदेशा कल हादसे के बाद से ही लगाया जा रहा था। इसीलिए केंद्र ने इस मामले की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी NIA को इसकी जांच सौंपी है।
क्या-क्या होगा जांच के दायरे में
NIA अब घटनास्थल पर फॉरेंसिक सबूत, डिजिटल फुटप्रिंट जुटाएगी। इसके अलावा कॉल डंप डेटा एनालिसिस और कर्मचारियों का प्रोफाइल भी खंगाला जाएगा। क्योंकि इस बात का अंदेशा घटना के बाद से ही लगाया जा रहा है कि किसी कर्मचारी ने ही तो कहीं जानबूझकर ये साजिश नहीं रची। वहीं जिस CDU में हाइड्रोकार्बन रिसाव की बात सामने आई थी, उसकी भी जांच होगी कि ये रिसाव अपने आप हुआ था, तकनीकी खामी थी या फिर इससे जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी। वहीं हीट एक्सचेंजर की भी जांच होगी कि ये किन विशेषज्ञों की देखरेख में बनाई गई थी और किसने डिजाइन की थी। हालांकि ये सिर्फ अटकलें हैं लेकिन सच तो NIA की जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।
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साजिश की बात इतने जोरों पर क्यों?
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा दौरे के ठीक एक दिन पहले रिफाइनरी में आग लगना कोई इत्तेफाक नहीं लगता। क्योंकि वहां पर कई दिनों से मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के आए दिन दौरे हो रहे थे। रिफाइनरी जैसे संवेदनशील प्लांट में सुरक्षा के सारे उपकरण मौजूद हैं। कोई अनहोनी ना हो इसके लिए सुरक्षा तंत्र को बेहद मजबूत किया गया। बीते दिन भी मंत्री जोगाराम पटेल वहां मौजूद थे और कल भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वहां जाने वाले थे, तैयारियों का अंतिम जायजा लेने। ऐसे में इतना बड़ा हादसा, इतनी बड़ी आग आखिर कैसे लगी वो भी पीएम मोदी के सभास्थल से महज एक किलोमीटर की दूरी पर और रिफाइनरी के अंदर? ये महज एक हादसा है या फिर चूक या फिर इसमें कोई साजिश हैं, इसका पता तो अब जांच रिपोर्ट में ही चलेगा। लेकिन इस हादसे ने बीजेपी सरकार की छवि को धूमिल करने की कोशिश जरूर की है। क्योंकि पीएम मोदी का दौरे से पहले इतना बड़ा हादसा जो हो गया।
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