रिफाइनरी में आग पर Ex CM गहलोत का विस्फोटक बयान, बोले PM की रैली में इतनी बड़ी लापरवाही

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पचपदरा रिफाइनरी में आग समेत महिला आरक्षण मके मुद्दे पर मंगलवार को जयपुर में प्रेस काफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दौरे से पहले इतनी बड़ी घटना मामूली नहीं है ये बहुत बड़ी घटना है। वैसे ही इसमें देरी करके वैसे भी इन्होंने ठीक नहीं किया।
अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरा सवाल तो ये भी नहीं है। मेरा सवाल तो इनके लंबे वक्त तक काम रोकने का है। 2013 के बाद 4 साल तो रोक दिया। फिर पीएम मोदी के हाथों शिलान्यास कराया, फिर कोरोना आ गया काम वहां रुक गया। तब तो हमने भी कहा था कि जमीन हमारी, प्रोजेक्ट हमारा तो क्यों ना करें काम।
अशोक गहलोत ने इस सवाल पर कि आपके कार्यकाल में क्यों शुरू नहीं हुआ प्रोजेक्ट तो उन्होंने कहा कि हमारी तो सरकार चली गई थी क्योंकि 2 साल तो कोरोना के चलते काम नहीं हो पाया।
NIA की जांच पर क्या बोले Ex CM
पचपदरा रिफाइनरी में NIA जांच और साजिश के सवाल पर गहलोत ने कहा कि ये घटना बहुत ही संवेदनशील है। जब PM का दौरा एक महीना पहले ही घोषित हो चुका था। तब भी सीरियस नहीं है ये। दौरा है तो एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों को पहुंचना चाहिए। आग की एक नहीं बल्कि कई घटनाएं हैं। इनके शासित कई राज्यों में आग रही है, मैं तो नहीं जाकर कह रहा कि यहां आग लग गई वहां आग लग गई।
वसुंधरा के फर्जी लेटर मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मामला नहीं पता
वसुंधरा राजे के फर्जी लेटर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के गिरफ्तार होने के सवाल पर गहलोत ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है।
'महिला आरक्षण पर राहुल गांधी ने देश को बचाया'
वहीं महिला आरक्षण पर गहलोत ने कहा कि महिला आरक्षण तो लक्ष्य ही नहीं था केंद्र का। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर देश को बचा लिया। महिला कानून तो पहले से बना हुआ है। भाजपा वाले तो 850 सीटें करके परिसीमन करना चाहते चाहते थे।
संजीवनी मामले पर गहलोत ने कहा कि 22 महीने में भी जांच नहीं हो पाई। और थोड़ी बहुत जो हुई भी उसमें भी क्लीनचिट दे दी गई। शेखावत का नाम लिए बिना गहलोत ने कहा कि मेरी उनसे कोई पर्सनल दुश्मनी नहीं थी। फिर भी उन्होंने पर्सनली मामला इसे बना दिया। इधर आदर्श कोऑपरेटिव घोटाले को लेकर गहलोत ने कहा कि शिव मंगल की फर्म ही आरोपियों का केस लड़ रही है, शिव मंगल की भूमिका पर सरकार को विचार करना चाहिए, सरकार की तरफ से भी शिव मंगल लड़ रहे हैं, उनकी फर्म आरोपियों की पैरवी कर रही है, AAG शिव मंगल शर्मा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने मुद्दा उठाया तो सरकार को एक्शन लेना चाहिए था, सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, संजीवनी केस में भी गरीब लोगों को न्याय नहीं मिला।
'इंतजारशास्त्र से सरकार पर बनाया दबाव'
इंतजारशास्त्र सीरीज पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कहा कि मैंने इंतजार शास्त्र सीरीज चलाई जो पॉपुलर रही, मैंने जो इश्यू उठाए उससे सरकार पर दबाव बना हैं।सरकार के पास इनका कोई जवाब नहीं था, बेरोजगार युवा भत्ते का, महिला न्याय का इंतजार कर रही, युवा नौकरी का, आम लोग इलाज का इंतजार कर रहे।
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