Caveat Petition: क्या होती है कैविएट याचिका जो SI भर्ती परीक्षा 2021 मामले को ले गई सुप्रीम कोर्ट

SI Bharti Exam 2021 Update: राजस्थान की SI भर्ती परीक्षा 2021 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 4 अप्रैल 2026 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इससे पहले 28 अगस्त 2025 को भी हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने परीक्षा को रद्द करने का फैसला दिया था। लेकिन हाईकोर्ट की डबल बेंच के इस फैसले को अभी एक सप्ताह भी पूरा नहीं हुआ है और अब ये मामला सीधा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अब इसमें एक नया और महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ सामने आ गया है।
जानते है क्या है पूरा मामला?
दरअसल SI भर्ती रद्द परीक्षा 2021 मामले में असफल अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका (Caveat Petition) दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने कैविएट में कहा है कि अगर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार या अन्य कोई चयनित अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करे तो उन्हें (असफल अभ्यर्थियों) को भी सुना जाए। बिना सुनवाई कोई अंतरिम या अंतिम आदेश नहीं दिए जाएं।
कानूनी रूप से जानते है आखिर क्या होता है कैविएट (Caveat Petition)?
कैविएट एक सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC), 1908 की धारा 148A के तहत एक वैधानिक अधिकार है।
कैविएट का उद्देश्य: कैविएटर (याचिकाकर्ता) के हितों की रक्षा करना और उसके खिलाफ एकतरफा (ex-parte) आदेशों को रोकना है।
कैविएट दाखिल होने के बाद, अदालत कैविएटर को सूचित करने के बाद ही कोई आदेश पारित कर सकती है।
किसी अदालत में कैविएट की वैधता 90 दिनों तक रहती है। उसके बाद फिर से RENEW (नवीकरण) करवा सकते हैं।
"कैविएट एक औपचारिक कानूनी नोटिस होता है, जिसे अदालत में इसलिए दायर किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी ऐसे मामले में, जिसमें आपका हित जुड़ा हो, उससे जुड़ा कोई भी आदेश सुनाए जाने से पहले आपको सूचित किया जाए और आपको आपके पक्ष रखने का मौका दिया जाए।“
दो दिन पहले ही भारत रफ्तार ने एक खबर प्रकाशित की थी जिसमें बताया गया था कि SI भर्ती परीक्षा 2021 रद्द होने के बाद अब उसमें चयनित अभ्यर्थी क्या करेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें-
कंटेंट एंड रिसर्च- एडवोकेट प्रत्युष तिवाड़ी, कानूनी विशेषज्ञ
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