उदयपुर बीजेपी में फूटा ‘लेटर बम’, आखिर क्यों छिड़ी है पूर्व विधायक और गुलाबचंद कटारिया के बीच जंग

उदयपुर बीजेपी में फूटा ‘लेटर बम’, आखिर क्यों छिड़ी है पूर्व विधायक और गुलाबचंद कटारिया के बीच जंग
राजस्थान
11 Apr 2026, 01:34 pm
रिपोर्टर : Jyoti sharma

Udaipur: उदयपुर की राजनीतिक हलचल एक बार फिर सुर्खियों में है। लंबे समय से दबी-छिपी भाजपा की गुटीय टकराहट अब खुलकर सामने आ गई है। पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ 11 पेज का लेटर जारी कर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ये चिट्ठी केवल राज्यपाल को भेजी ही नहीं गई, बल्कि सार्वजनिक भी कर दी गई है, जिससे मेवाड़ की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।

ये मामला तब उभरा जब कुछ दिन पहले पंजाब के राज्यपाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता कटारिया ने मीडिया में बयान देकर जोशी को इशारों में निशाने पर लिया था। जवाब में अब जोशी आक्रामक रुख में आ गए हैं।

जोशी का पलटवार - “सीट मैंने छोड़ी, भागे आप थे”

अपने पत्र में जोशी ने कटारिया पर राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सीट उन्होंने स्वेच्छा से छोड़ी थी। कटारिया ने खुद ‘हार की आशंका’ में चुनाव लड़ने से बचने का रास्ता चुना था। 2013 में टिकट कटवाने में कटारिया की भूमिका रही। फिर 2008 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को आर्थिक सहयोग दिलाने के आरोपों पर कटारिया ने आज तक सफाई नहीं दी। जोशी ने कहा कि पिछले कई सालों में उन्हें लगातार टारगेट किया गया, इसीलिए अब सार्वजनिक रूप से पत्र लिखना मजबूरी बन गया।

जोशी ने लगाए ये आरोप

इस लेटर में 2003 में संगठन मंत्री रहते हुए विरोध और धमकी, विधानसभा क्षेत्र के कामों में लगातार दखलंदाजी, चुनावी फंड प्रबंधन को लेकर वित्तीय आरोप, भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ गुटबंदी को बढ़ावा देने का दावा भी धर्मनारायाण ने किया है। इसके अलावा राजसमंद में क्रॉस वोटिंग कर कांग्रेस को लाभ पहुंचाने का आरोप, 2019 में प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी के साथ दुर्व्यवहार का मामला उठाया गया, शपथ ग्रहण समारोह पर विवाद हुआ जो यात्रा खर्च राजस्थान पर डाला गया

जोशी के मुताबिक फरवरी 2023 में असम के राज्यपाल के रूप में कटारिया के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में उनके समर्थकों और परिजनों की गुवाहाटी यात्रा का खर्च राजस्थान के चार विधायकों के यात्रा मद में जोड़ा गया। जिसमें विधायक फूलसिंह मीणा पर 1.12 लाख, अमृतलाल मीणा पर 9.68 लाख, बाबूलाल खराड़ी पर 5.68 लाख, प्रताप गमेती पर 3.81 लाख खर्च हुए कुल मिलाकर ₹20.31 लाख का व्यय राजस्थान की विधानसभा पर दर्ज हुआ।

पत्र में जोशी ने आगे भाजपा की संगठनात्मक मजबूती को कमजोर करने के कई आरोप जोड़े। पूर्व विधायकों रणधीर सिंह भींडर और मान्धाता सिंह देवगढ़ के खिलाफ सुनियोजित विरोध खड़ा करना, 2019 में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी के साथ कार्यकर्ताओं की बदसलूकी, धर्मनारायण जोशी ने ऐसे-ऐसे आरोप लगाए हैं जो अब सियासी गर्मी को बढ़ा रहे हैं।

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