भारत और पाकिस्तान के प्रमुख नेताओं ने लिखी PM मोदी और शहबाज शरीफ को चिट्ठी, दुश्मनी खत्म करने की उठाई मांग

India Pakistan Peace Talk: भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने और दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने की मांग एक बार फिर उठी है। भारत और पाकिस्तान के पूर्व सांसदों और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, डिप्लोमेट्स समेत 117 लोगों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर शांति प्रक्रिया फिर से शुरू करने की अपील की है।
क्या लिखा है इस लेटर में
इस लेटर में लिखा गया है कि “इस लेट पर साइन करने वाले हम लोग भारत और पाकिस्तान की सरकारों से सम्मानपूर्वक आग्रह करते हैं कि वे दक्षिण एशिया में शांति, सामान्य स्थिति, बातचीत और सहयोग को बहाल करने की दिशा में सार्थक और निरंतर कदम उठाएं।
आगे लिखा गया कि भारत और पाकिस्तान में मिलकर दुनिया की लगभग एक-पांचवीं आबादी रहती है। हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा युवा है। लगातार दुश्मनी के कारण लाखों युवा अवसरों, समृद्धि और सुरक्षित भविष्य से वंचित रह जाते हैं।
"टकराव के बजाय शांति के हकदार दोनों देशों की जनता"
इस लेटर में आगे लिखा कि दोनों देशों के लोग लगातार अविश्वास और टकराव के बजाय शांति, विकास, कनेक्टिविटी और सहयोग वाले भविष्य के हकदार हैं। दशकों की दूरियों ने हमारी आपसी जुड़ाव की क्षमता को नुकसान पहुंचाया है और इसके कारण भारी सामाजिक, आर्थिक और मानवीय कीमत चुकानी पड़ी है।
हमारा मानना है कि मतभेदों को सुलझाने और एक स्थिर और समृद्ध क्षेत्र बनाने के लिए निरंतर बातचीत और संपर्क ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है। इसलिए, हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप आपसी विश्वास बढ़ाने वाले इन बातों पर विचार करें-
-तत्काल राजनयिक तरीके
-पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करना और भारत, पाकिस्तान में उच्चायुक्तों की नियुक्ति करना।
-दोनों देशों के नागरिकों के लिए सामान्य वीज़ा सेवाएं फिर से शुरू करना।
भारत की तरफ से कौन-कौन है शामिल
जिन 117 लोगों ने ये चिट्ठी प्रधानमंत्री मोदी और शहबाज शरीफ को लिखी है उसें भारत की तरफ से 61 लोग हैं और पाकिस्तान की तरफ से 56 लोग हैं। इन 61 लोगों में जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती, पूर्व CM और वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पिता फारुक अब्दुल्ला, RJD के सांसद मनोज झा शामिल हैं। वहीं पाकिस्तान की तरफ से चिट्ठी लिखने वालों में पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी शामिल हैं।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद तो दूर-दूर तक संवाद के आसार नहीं
गौरतलब हाल के सालों में दोनों देशों के रिश्तों में कई बार तनाव बढ़ा है। सीमा पर संघर्ष, आतंकवाद और कूटनीतिक विवादों के चलते संवाद की प्रक्रिया लगभग ठप रही है। दूसरी तरफ पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमले के बाद इस प्रक्रिया के दोबारा बहाल होने के आसार तो दूर-दूर तक खत्म हो गए। ऐसे माहौल में पूर्व सांसदों की ये पहल दोनों सरकारों से शांति और विश्वास बहाली की दिशा में कदम उठाने का आग्रह करती है हालांकि, इस लेटर पर भारत और पाकिस्तान की सरकारों की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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