Iran US War End: आखिर खत्म हो ही गया अमेरिका और ईरान का युद्ध, PM Modi से मीटिंग के बाद Donald Trump ने किए डील पर साइन

US Iran Peace Deal 2026: जिस पल का पल का इंतजार पूरी दुनिया को पिछले 3 महीनों से था, आखिरकार वो अब आ गया है। अमेरिका और ईरान का युद्ध खत्म हो गया है। जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति डील पर साइन कर दिए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी इस पर डिजिटल साइन कर दिए हैं। ये ऐतिहासिक शांति समझौता फ्रांस के एवियान में G-7 शिखर सम्मेलन में हुआ। ट्रंप के साइन करते ही उन्होंने मीटिंग में चिल्लाकर कहा कि डील हो गई। समझौते के लागू होने की पुष्टि अमेरिका, ईरान और मध्यस्थ देशों की तरफ से की गई है।
ये समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका उद्देश्य युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री व्यापार की बहाली और परमाणु विवाद के समाधान के लिए आगे की बातचीत का रास्ता खोलना है।
कहां और कैसे हुई डील?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस (Versailles) में आयोजित डिनर के दौरान समझौते पर साइन किए गए हैं। शुरूआती योजना स्विट्जरलैंड में औपचारिक समारोह की थी, लेकिन आखिरकार समझौते को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फाइनल कर दिया गया।
14 सूत्रीय समझौते की प्रमुख शर्तें
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के तहत कई अहम मुद्दों पर शर्तों के साथ सहमति बनी है-
-अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल युद्धविराम।
-60 दिनों तक संघर्ष विराम और व्यापक वार्ता जारी रखने पर सहमति।
-ईरान दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह खोलेगा।
-अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा।
-ईरानी तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में राहत मिलेगी।
-ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई वार्ता शुरू होगी।
-अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के प्रबंधन पर सहमति।
-क्षेत्रीय तनाव कम करने और लेबनान समेत दूसरे मोर्चों पर संघर्ष खत्म करने की कोशिश होगी।
-आगे के व्यापक समझौते के लिए 60 दिन की बातचीत का समय तय हुआ है।
-तेल बाजार पर पड़ा तत्काल असर दिखेगा।
इस समझौते के बाद वैश्विक तेल बाजार में राहत देखने को मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने और ईरानी तेल की आपूर्ति बढ़ने से ऊर्जा संकट कम होगा। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड टूटकर लगभग 78 से 83 डॉलर प्रति बैरल के बीच आ गया है। यानी क्रूड के रेट 4 से 5 प्रतिशत गिरावट दर्ज हो गई है।
G-7 में मोदी-ट्रंप बातचीत क्यों रही महत्वपूर्ण?
G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Narendra Modi और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा केंद्र में रही। ईरान संकट और होर्मुज मार्ग की सुरक्षा भारत के लिए भी अहम है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से पूरा करता है। ट्रंप ईरान समझौते की घोषणा के बाद ये बातचीत और ज्यादा अहम मानी जा रही है।
अभी भी बाकी हैं कई चुनौतियां
हालांकि समझौते पर साइन हो चुके हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि असली परीक्षा इसके क्रियान्वयन की होगी। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों की पूर्ण समाप्ति, क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्य पूर्व में कई समूहों की भूमिका जैसे मुद्दे अभी भी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं। अगले 60 दिनों की वार्ता इस समझौते के भविष्य को तय करेगी।
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