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भारत रफ्तार के स्टिंग ऑपरेशन का असर, नगर निगम ने सीज़ किया फेमस बार 'द बॉस'

भारत रफ्तार के स्टिंग ऑपरेशन का असर, नगर निगम ने सीज़ किया फेमस बार 'द बॉस'
जयपुर
13 Jun 2026, 01:33 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Jaipur The Boss Bar: जयपुर के सबसे चर्चित रूफटॉप बार में से एक द बॉस, वो बार, जिस पर भारत रफ्तार ने कुछ दिन पहले बड़ा स्टिंग ऑपरेशन किया था। वो बार, जहां हमारी टीम ने पड़ताल कर कई गंभीर सवाल उठाए थे और अब नगर निगम ने इस बार को सीज़ कर दिया है। जिसने साफ कर दिया कि भारत रफ्तार सिर्फ कहता नहीं बल्कि करके दिखाता है, उसका राष्ट्रप्रेम सर्वोपरि है और रहेगा, चाहे सामने कोई भी कितनी भी बड़ी चुनौती क्यों ना हो। आज आपको दिखाएंगे कि आखिर हमारे स्टिंग में क्या-क्या सामने आया था और अब जयपुर नगर निगम ने क्या कदम उठाया है।

16 मई को हुआ था ये स्टिंग ऑपरेशन

जयपुर के टोंक रोड स्थित लक्ष्मी मंदिर तिराहे पर ‘द ग्रैंड वॉक बिल्डिंग की 9वीं और 10वीं मंजिल पर संचालित होने वाला 'द बॉस' बार लंबे समय से चर्चा में था। लेकिन यहां जो कुछ भी हो रहा था वो अवैध था और जब इसकी भनक भारत रफ्तार को लगी तो बस फिर क्या था? 16 मई की आधी रात को लगभग एक बजे भारत रफ्तार की टीम पहुंच गई ग्राऊंड पर और वो सब दिखाया। जो अभी तक पूरे जयपुर की जनता, शासन-प्रशासन की आंखों से ओझल था। स्टिंग के दौरान ये दिखा कि इमारत की छत पर संचालित ये ढांचा JDA के नियमों के मुताबिक था ही नहीं, ये पूरी तरह अवैध था।

बिना परमिट के परोसी जाती है शराब

दूसरा ये कि बार में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और शराब परोसे जाने को लेकर सवाल उठे थे। स्टिंग के दौरान रात करीब डेढ़ बजे यहां पर ढाई से 3 हजार लोग मौजूद थे, ये पार्टी कर रहे थे शराब पी रहे थे, वो भी बिना लाइसेंस के क्योंकि नियमों के मुताबिक किसी बड़ी गैदरिंग में शराब परोसने के लिए PPL यानी पार्टी पर्मिट लाइसेंस लेना पड़ता है। जो कि रात सिर्फ 12 बजे तक ही वैध होता है। ये लाइसेंस सिर्फ निजी जगहों पर पार्टी के लिए ही जारी किया जाता है। इसमें 15 से 20 लोग ही शामिल हो सकते हैं।

रशियन महिलाओं का कराया जाता अश्लील डांस

तीसरा यहां पर रशियन महिलाओं के अश्लील डांस हो रहे थे। भारत रफ्तार के कैमरे में ये सब कुछ रिकॉर्ड हुआ है। ताकि प्रशासन और शासन को पल्ला झाड़ने का कोई मौका ना मिल पाए। बस यहीं से शुरू होता है पूरा मामला, सवाल ये है कि अगर नियम हैं। तो उनका पालन कौन करवाएगा। इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए भारत रफ्तार ने प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान खींचा।

फायर सेफ्टी को आधार बनाते हुए नगर निगम ने किया सीज़

और अब नगर निगम ने फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियों को आधार बनाते हुए पहले नोटिस जारी किया और उसके बाद द बॉस बार को सीज़ कर दिया। यानी अब इस बार पर ताला लग चुका है।

भारत रफ्तार ने सवाल उठाए थे, अब कार्रवाई भी हुई है। लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई। सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है, क्या सिर्फ एक बार पर कार्रवाई काफी है या फिर पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय होगी। फिलहाल, द बॉस पर ताला लग चुका है। लेकिन इस कार्रवाई के पीछे की पूरी सच्चाई और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर भारत रफ्तार की नजर आगे भी बनी रहेगी।

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