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जयपुर मोमो गर्ल मामला: सरकार उठाएगी रिशू गुप्ता के इलाज का खर्च, जलाने वाला पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

जयपुर मोमो गर्ल मामला: सरकार उठाएगी रिशू गुप्ता के इलाज का खर्च, जलाने वाला पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
जयपुर
28 Jun 2026, 12:20 pm
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Jaipur: जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर VIP रूट क्लियरेंस के दौरान मोमो का ठेला लगाने वाली 27 साल की युवती रिशु गुप्ता के खौलते पानी से गंभीर रूप से झुलसने के मामले में राजस्थान सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। भजनलाल सरकार ने महिला के इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है। वहीं घटना में लापरवाही के आरोप में ट्रैफिक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। रिशु गुप्ता लगातार मीडिया में अपने लिए न्याय की मांग कर रही थीं। रिशु गुप्ता ने भारत रफ्तार को बताया था कि उनके पिता की मौत हो चुकी है। इसलिए पढ़ाई और घर के खर्च के लिए दोनों बहनों ने मोमो का ठेला लगाना शुरू किया था लेकिन 25 दिन बाद ही उसके साथ ये हो गया।

19 जून को हुआ था ये कांड

घटना 19 जून की है। उस समय शाम साढ़े 5 बजे के आस-पास सीएम भजनलाल शर्मा का काफिला निकलना था। उसके लिए सड़क किनारे लगे ठेलों और अस्थायी अतिक्रमण को हटाया जा रहा था। रिशु गुप्ता ने बताया कि कार्रवाई के दौरान उसके ठेले को हटाने के लिए पुलिसकर्मी ने बोला तो उसने कहा कि बर्तन में पानी उबल रहा है, वो धीरे-धीरे उसे हटा रही है लेकिन पुलिस कर्मी ने इसकी एक ना सुनी और ठेले को धक्का दे दिया, जिससे गर्म पानी उसके शरीर पर गिर गया और वो गंभीर रुप से झुलस गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।

सरकार ने लिया संज्ञान

मामले के तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने महिला के इलाज का पूरा खर्च वहन करने का ऐलान किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़िता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहे।

ट्रैफिक पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

शुरुआती जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए संबंधित ट्रैफिक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है ताकि ये साफ हो सके कि कार्रवाई के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं।

डेयरी बूथ हटाने के भी निर्देश

घटना के बाद प्रशासन ने उस स्थान पर बने डेयरी बूथ को भी हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचे और अतिक्रमण यातायात और वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बाधा बनते हैं। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और विपक्ष ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं।

विपक्ष और लोगों ने उठाए सवाल

घटना के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली की आलोचना हुई। लोगों ने मांग की कि सड़क किनारे आजीविका चलाने वाले छोटे व्यापारियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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