आखिर कहां गायब हुआ जयपुर की 200 साल पुरानी हवेली से निकला सोना-चांदी का खजाना? पुलिस जांच में क्या निकला

Jaipur Khajana: राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में करीब 200 साल पुरानी हवेलियों में इन दिनों रहस्यमयी खजाना चर्चा में बना हुआ है। एक मजदूर ने बीते दिनों हवेली की नींव की खुदाई के दौरान सोने-चांदी के सिक्के, चांदी की सिल्लियां और कीमती धातुओं से भरे कलश मिलने का दावा किया था। जिसके बाद ये खबर जयपुर में ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान में आग की तरह फैल गई थी। हवेली के मालिक ने केस दर्ज कराया। जब इसकी पुलिस ने इसकी जांच शुरु की तो वहां पर ऐसा कुछ नहीं मिला। हवेली के मालिक का आरोप है कि इस खजाने को रहस्यमयी तरीके से गायब कर दिया गया है।
200 साल पुरानी हवेली में चल रहा था निर्माण कार्य
मामला जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र के त्रिपोलिया बाजा के विद्याधर के रास्ते का है। यहां के मानक चौक थाना इलाके में स्थित है ये हवेली। जानकारी के मुताबिक ये पुश्तैनी हवेली 200 साल पुरानी है जिसके जर्जर होने के चलते इसे तोड़कर नई इमारत बनाई जा रही थी। इसकी के लिए वहां पर मजदूर ठेके पर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक मजदूर ने दावा किया कि जब पुरानी नींव की खुदाई शुरू की, तब जमीन के भीतर से कलश और धातु की वस्तुएं मिलने की बात सामने आई। ये बात उसने ठेकेदार को बताई, ठेकेदार ने हिस्सेदारी करने की बात कही लेकिन मजदूर का कहना है कि ठेकेदार अपनी बात से मुकर गया इसलिए उसने ये राज सभी के सामने खोल दिया। परिवार का दावा है कि इनमें सोने के सिक्के, चांदी की सिल्लियां और काफी कीमती धातुएं थीं।
परिवार का आरोप- खजाना गायब कर दिया गया
हवेली मालिकों का आरोप है कि खुदाई के दौरान मिले खजाने का बड़ा हिस्सा गायब हो गया। आरोप ये भी है कि निर्माण कार्य से जुड़े कुछ लोगों ने कथित तौर पर तिजोरी और दूसरा सामान अपने कब्जे में ले लिया। जबकि काम शुरु कराने से पहले ही मालिक ने साफतौर पर ठेकेदार को ये निर्देश दिए थे कि अगर खुदाई में कुछ मिलता है तो वो परिवार को सौंपेंगे। बावजूद इसके खजाना गायब कर दिया गया। जिसकी FIR थाने में दर्ज कराई है।
पुलिस कर रही है दावों की जांच
इधर जयपुर पुलिस का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि असल में खुदाई के दौरान कोई खजाना मिला भी था या नहीं और अगर मिला था, तो उसमें क्या-क्या था और वो किसके कब्जे में गया। अभी तक किसी भी एजेंसी ने खजाने की बरामदगी या उसके मूल्य की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दरअसल जयपुर के परकोटा इलाके में सैकड़ों साल पुरानी कई हवेलियां स्थित हैं। इतिहासकार कहते हैं कि ये कभी बड़े व्यापारिक परिवारों के घर रहे होंगे। तब के व्यापारी अपने धन, सोने-चांदी और बहुमूल्य धातुओं को हवेलियों की दीवारों, तहखानों या नींव में सेफ रखते थे।
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