कैलाश वर्मा के साथ गाड़ी तोड़ने वालों की फोटो तो डोटासरा-जूली के साथ आशुतोष रांका की तस्वीर...सोशल मीडिया पर मच रहा बवाल

Jaipur: रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल विवाद के बीच बगरू विधायक कैलाश वर्मा ने CJP के अभियान पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पार्टी गलत तथ्यों के आधार पर गांव वालों को भड़काने का प्रयास कर रही है। इसे लेकर कॉक्रोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट की जिसमें कैलाश वर्मा के साथ 3 लोगों पर लाल घेरा कर दावा किया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने बीते दिन मारपीट में उनकी गाड़ियां तोड़ी थीं। इधर सोशल मीडिया पर आशुतोष रांका की एक फोटो पोस्ट की गई जिसमें उनके साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली दिखाई दे रहे हैं। विरोधी दावा कर रहे हैं कि रांका कांग्रेस से मिलकर बीजेपी विरोधी अभियान चला रहे हैं।
कैलाश वर्मा आज रामपुरा-कंवरपुरा गांव पहुंचे और घटनास्थल का दौरा किया उन्होंने कहा कि यहा पर आकर ये कॉक्रोच जनता पार्टी झूठी बातें फैला रही थी, गांव वालों को ये बर्दाश्त नहीं हुआ। इधर गांव वाले भी इसी लाइन पर है। उनका कहना है कि स्कूल की समस्या नई नहीं है और उसके समाधान के लिए पहले से कोशिश चल रही हैं। ग्रामीणों ने ही मीडिया से कहा कि सरकार की तरफ से स्कूल के लिए पैसे आ चुकेल हैं। खुद कैलाश वर्मा ने बीते दिन इस बात का खुलासा किया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि हुई है।
CJP ने कैलाश वर्मा की तस्वीर शेयर कर लगाए गंभीर आरोप
विवाद के बाद CJP राजस्थान के सोशल मीडिया अकाउंट से विधायक कैलाश वर्मा के साथ कुछ लोगों की तस्वीर शेयर की गई। CJP ने दावा किया कि तस्वीर में विधायक के साथ बैठे लोगों में वो लोग भी शामिल हैं जिन्होंने कथित तौर पर CJP की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। यही वजह है कि इस मामले में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और पुलिस जांच को अलग-अलग रखना जरूरी है।
रांका की कांग्रेस नेताओं के साथ तस्वीर ने भी खड़ा किया सवाल
इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर आशुतोष रांका की एक पुरानी तस्वीर भी वायरल की गई, जिसमें कांग्रेस नेता टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा उनके साथ नजर आ रहे हैं। पोस्ट कर यूजर्स आरोप लगा रहे हैं कि CJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तालमेल है और रांका कांग्रेस के साथ मिलकर राजस्थान में बीजेपी के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
रांका ने तस्वीर पर दिया जवाब- ये पुरानी तस्वीर है
आशुतोष रांका ने इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि तस्वीर को मौजूदा विवाद से जोड़कर पेश किया जा रहा है, जबकि ये उस समय की है जब जयपुर में ‘ढोल का बाढ़’ बचाने के लिए हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने उनका समर्थन किया था। रांका के मुताबिक उस समय टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे थे। इसलिए उनके साथ तस्वीर होने को मौजूदा स्कूल अभियान के पीछे कांग्रेस की भूमिका के प्रमाण के तौर पर पेश करना गलत है।
रामपुरा-कंवरपुरा का विवाद अब तीन अलग-अलग मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है।क्या सरकारी स्कूल की जर्जर इमारत और बच्चों की अस्थायी व्यवस्था का स्थायी समाधान होगा? CJP और ग्रामीणों की ओर से दर्ज शिकायतों के बाद पुलिस जांच में हिंसा और तोड़फोड़ के आरोप कितने सही साबित होते हैं?
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