मकराना ने बीजेपी सरकार को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम वरना दिल्ली-NCR करेंगे जाम, युवक की मौत पर मांगा 1 करोड़ रुपए का मुआवज़ा

श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने के लिए सरकार को अब 7 दिन की अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इन 7 दिनों में सरकार ने ये नया नियम वापस नहीं लिया तो वो दिल्ली-NCR में राजपूतों-सवर्णों को साथ लाकर देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। साथ ही कहा उन्होंने प्रदर्शन में शामिल देवराज पलाड़ा की मौत पर सरकार से 1 करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा है।
कैनन से प्रेशर से पानी लगने से छाती में दर्द
जयपुर में महिपाल मकराना ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जिस युवक देवराज पलाड़ा की मौत हुई है, वो पुलिस की चलाई वाटर कैनन से घायल हुआ था। उसने बताया था कि उसकी छाती में तेज रफ्तार से पानी मारने पर चोट लगी है। क्योंकि उसे सीने में दर्द हो रहा था। रात में वो अपने घर चला गया लेकिन देर रात उसकी हालत खराब हो गई। उसे SMS अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
महिपाल मकराना ने कहा कि जिस पुलिसकर्मी ने वाटर कैनन चलाई और प्रदर्शकारियों पर मारा उन्हें तत्काल सस्पेंड कर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा जिन पुलिसकर्मियों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उन पर लाठीचार्ज किया, इन्हें बर्खास्त किया जाए। वहीं देवराज के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।
मकराना ने कहा कि देवराज सिंह पलाड़ा तो OBC वर्ग से आते थे लेकिन सवर्णों के हक की लड़ाई में वो साथ खड़े थे। सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे किसी ने पुलिस को उकसाया नहीं या मजबूर नहीं किया। फिर भी पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन चलाई।
पुलिस बोली- देवराज की मौत वाटर कैनन से नहीं हुई
इधर देवराज सिंह की मौत पर डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने पुष्टि की है कि उनकी मौत किसी वाटर कैनन की मार से नहीं बल्कि रैली में हालत बिगड़ने से हुई है। वाटर कैनन से हालत बिगड़ने का दावा गलत है। वहीं बीजेपी नेता विजय सिंह पलाड़ा ने बताया कि देवराज का मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है।
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