सदन में घुसने नहीं दिया, ताले जड़ दिए... विधानसभा गेट पर सचिन पायलट धरने पर, राहुल गांधी के आदेश पर प्रदर्शन करने पर दिया जवाब

Rajasthan Vidhansabha Congress Protest: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक आवास से विधानसभा की तरफ मार्च करते हुए पहुंचे। विधानसभा गेट पर कांग्रेस नेताओं और विधायकों को रोक दिया गया, जिसके बाद सचिन पायलट, PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कांग्रेस नेताओं ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन के केंद्र में शिक्षा विभाग से जुड़े हालिया आदेश और सरकारी स्कूलों की स्थिति है। विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रही है, जिनसे लोगों को स्कूलों में जाने और वहां के असली हालत देखने से रोका जा रहा है।
'सदन में नहीं जाने दिया, बाहर ही धरना देंगे'
विधानसभा पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं को एंट्री नहीं दिए जाने के विरोध में पार्टी ने गेट के बाहर प्रदर्शन शुरू किया। पायलट समेत कांग्रेस के कई नेता वहीं धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाना चाहता है, लेकिन सरकार सदन में चर्चा से बचने का प्रयास कर रही है। ये विरोध ऐसे समय हुआ है जब विधानसभा का सत्र आज से शुरू हुआ है और पहले ही दिन सरकार तथा विपक्ष के बीच टकराव के संकेत मिल गए हैं।
सचिन पायलट का शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा हमला
धरने के दौरान मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि उन्होंने राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में स्कूलों की स्थिति देखी है। उनका आरोप है कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है और लोग इसको लेकर विरोध कर रहे हैं।
पायलट ने कहा कि समस्या का समाधान करने के बजाय सरकार लोगों को स्कूलों में प्रवेश करने से रोक रही है और फोटोग्राफी पर प्रतिबंध जैसे आदेश जारी कर रही है। उनके मुताबिक ऐसे कदम वास्तविक स्थिति को सुधारने के बजाय सरकार की कथित नाकामियों को छिपाने की कोशिश हैं।
पायलट ने ये भी दावा किया कि इस मामले में हाईकोर्ट की तरफ से सरकार को फटकार लग चुकी है और स्कूलों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा, बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है।
राहुल गांधी के आदेश पर प्रदर्शन? पायलट ने क्या कहा
कांग्रेस के इस प्रदर्शन को लेकर विधानसभा में बीजेपी ने ये आरोप लगाया कि राजस्थान में विधानसभा के बाहर किया गया ये प्रदर्शन कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर हुआ है। इस पर सचिन पायलट ने कहा कि हमें तो सदन में घुसने ही नहीं दिया। दरवाजों पर ताला लगा दिया। राहुल गांधी ने तो संसद में अपनी आवाज बुलंद की थी।
पायलट के धरने के सियासी मायने क्या?
सचिन पायलट का विधानसभा गेट पर धरने में बैठना कांग्रेस के भीतर उनकी मौजूदा राजनीतिक भूमिका के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में पायलट लगातार राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय रहे हैं और सरकार से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर मुखर रहे हैं। जून में उनके बयानों और दौरों के दौरान भी कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और 2028 के चुनावों को लेकर उनके राजनीतिक कद की चर्चा होती रही।
विपक्ष को गेट से एक-एक कर अंदर आने को बोला था-स्पीकर देवनानी
सुबह जब 11 बजे सदन शुरु हुआ था तब कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष का एक भी सदस्य सदन में मौजूद नहीं था, इस पर सदन में स्पीकर देवनानी ने खुद कहा कि विपक्ष की कुर्सियों को खाली देखकर मन में पीड़ा होती है, हमने कहा था कि जिस गेट से आने की व्यवस्था है, उसी गेट से एक-एक करके सदस्य अंदर आ जाएं लेकिन वे नहीं आए, मैं सभी से आग्रह करूंगा कि सदन की कार्यवाही में हिस्सा लें, सदन के जो विषय हैं उन्हें सदन में रखें।
दिल्ली के इशारे पर हो रहा ये प्रदर्शन- जोगाराम पटेल
वहीं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि विपक्ष को वंदे मातरम् नहीं गाना था इसलिए सदन में नहीं आए। बिना किसी कारण बिना किसी पूर्व सूचना के विपक्ष गैरमौजूद रहा है। विधानसभा में आने की जो कई सालों से व्यवस्था चली आ रही है, विपक्ष ने उसकी अवहेलना की है। जब हमारी सर्वदलीय बैठक हुई थी उसमें सर्व सहमति से बात हुई थी। उनका व्यवहार ठीक नहीं है दिल्ली से गाइड होकर व्यवहार कर रहे हैं। विपक्ष ने आज विधानसभा में नहीं आकर लोकतंत्र की हत्या का काम किया है।
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