क्या आम आदमी पार्टी 2.0 बनने वाली है कॉक्रोच जनता पार्टी?

CJP become AAP 2.0: सिर्फ 70 दिन पुरानी पार्टी और दावा ऐसा कि पूरे देश की राजनीति में हलचल मच जाए। कॉक्रोच जनता पार्टी यानी CJP पार्टी के समर्थक जश्न मना रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिलवा दिया। इतना ही नहीं, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके तो यहां तक कह रहे हैं कि CJP अब कुछ भी कर सकती है, किसी का भी इस्तीफा ले सकती है। लेकिन सवाल ये है क्या वाकई CJP भारतीय राजनीति की नई ताकत बन रही है या फिर ये आम आदमी पार्टी का नया वर्जन है?
आम आदमी की भी ऐसे ही हुई थी शुरुआत
दरअसल कई राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि CJP के समर्थकों ने तो पार्टी की तुलना आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर से कर ली है। अन्ना हजारे जैसी जनआंदोलन वाली भूमिका में सोनम वांगचुक हैं। अरविंद केजरीवाल बन गए हैं अभिजीत दिपके। जबकि आशुतोष रांका और सौरव दास को मनीष सिसोदिया जैसी भूमिका में देखा जा रहा है। वहीं जिनकी तुलना कुमार विश्वास से होनी थी, उन्हें तो पार्टी ने बाहर ही निकाल दिया। जी हां हम बात कर रहे हैं विजेता दहिया की। हालांकि ये सभी तुलना राजनीतिक विश्लेषकों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर आधारित हैं, इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
पंजाब विधानसभा चुनाव में उतारेगी प्रत्याशी
अब चर्चाएं यहां तक पहुंच चुकी हैं कि CJP आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में भी उतर सकती है। हालांकि पार्टी ने अभी तक चुनाव लड़ने का औपचारिक ऐलान नहीं किया है। लेकिन अगर ऐसा होता है, तो CJP सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि चुनावी राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाती नजर आएगी।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर CJP ने छात्रों के नाम पर संसद मार्च किया था और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी। अब सोशल मीडिया पर पार्टी से नई मांग की जा रही है। लोग कह रहे हैं कि अगर CJP एक केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा दिलाने का दावा कर रही है, तो अब पंजाब में पेपर लीक विवाद को लेकर राज्य के जिम्मेदार मंत्रियों के खिलाफ भी वैसी ही मुहिम चलाकर दिखाए। जिसमें शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह शामिल हैं। यानी अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि CJP का अगला कदम क्या होगा। क्या सीजेपी सचमुच AAP 2.0 साबित होगी या फिर यह चर्चा सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाएगी। ये तो वक्त आने पर ही पता चलेगा।
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