टॉयलेट जेट से मुंह में डाला पानी...2 साल के बच्चों के साथ दरिंदगी मामले में केस दर्ज, बंद हुई कंपनी

बंगलूरू की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी के डे-केयर में 1-2 साल के बच्चों के साथ अमानवीय हरकत पर पुलिस प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। बंगलूरू सिटी पुलिस के मुताबिक HAL पुलिस स्टेशन में चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर ने शिकायत दर्ज कराई है। इसमें डे-केयर की 5 महिला कर्मियों पर बच्चों के साथ क्रूर व्यवहार का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की है। दूसरी तरफ 50 से ज्यादा देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाली कंपनी कैपजेमिनी, जहां ये वारदात हुई है। उसने अपनी डे-केयर बंद कर दिया है।
5 महिला कर्मियों पर FIR
बंगलूरू पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह (IPS) ने मीडिया से बातचीत में ये कहा कि इस विभत्स कांड में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सीमांत कुमार सिंह ने कहा कि जो केस दर्ज कराया गया है उसमें डे-केयर की 5 महिला स्टाफ सदस्यों पर बच्चों के साथ क्रूर व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के साथ वीडियो सबूत भी सौंपे गए। इस केस की जॉइंट कमिश्नर (ईस्ट) और व्हाइटफील्ड के प्रभारी डिप्टी कमिश्नर मौके पर जाकर तथ्यों की जांच कर रहे हैं।
अब सभी डे-केयर सेंटर्स की होगी जांच
सीमांत सिंह ने कहा कि उन्हें पहले इस घटना के बारे में पता नहीं था, लेकिन जैसे ही ये उनके संज्ञान में आया, तुरंत मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस अब कॉर्पोरेट कैंपस में चल रहे दूसरे डे-केयर सेंटर्स की भी जांच करेगी ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि वे अधिकृत हैं और कानूनों-नियमों का पालन कर रहे हैं।
साथ ही पुलिस अब संबंधित विभागों से ऐसे डे-केयर सेंटरों की सूची मांगेगी और जांच करेगी कि क्या वे दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं? इसकी निगरानी के लिए जॉइंट कमिश्नर (ईस्ट) के साथ डिप्टी कमिश्नर रैंक की एक महिला अधिकारी को तैनात किया गया है।
किसी को बख्शा नहीं जाएगा
वहीं आरोपी महिलाओं और डे-केयर संचालक की गिरफ्तारी के सवाल पर सीमांत सिंह ने कहा कि जांच अभी चल रही है। गिरफ्तारी से ज्यादा अहम बात ये है कि दोषी बच न पाएं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो की पुष्टि की जा रही है, CCTV फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूत जुटाए जा रहे हैं।
कंपनी ने बंद किया डेकेयर
IT कंपनी कैपजेमिनी ने ये मामला सामने आने के बाद अपना डे-केयर सेंटर बंद कर दिया है। बच्चों के साथ दुर्व्यवहार जैसे संगीन अपराध के सामने आने के बाद और सोशल मीडिया समेत आम जनता में रोष फैलने के बाद कंपनी ये कदम उठाया है। इसे लेकर कंपनी ने एक बयान भी दिया है। इसमें कहा गया कि उसके कर्मियों और उनके परिवार की सेहत-सुरक्षा और भलाई ही कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कंपनी इस मामले में पुलिस की पूरी सहायता करेगी। एहतियाहत के तौर पर हम अस्थायी तौर पर इस डे-केयर सेंटर को बंद कर रहे हैं।
मुंह में टॉयलेट के जेट स्प्रे से पानी डाला
बीते दिन सोशल मीडिया पर उस वीडियो से कोहराम मच गया जिसमें कैपजेमिनी के डे-केयर सेंटर में 1 से 2 साल के बच्चों के साथ अमानवीय बर्ताव देखा गया। सेंटर में काम करने वाली नैनी एक छोटी सी बच्ची को बाथरूम में बंद कर देती है। वीडियो इस नैनी से ही शुरू होता है कि वो बाथरूम के बाहर बच्चे के रोने की आवाज सुन रही है और फिर अंदर जा रही है। बच्ची अंदर बंद है और चीख-चीख कर रो रही है। बच्चों के रोने की वजह से ये महिलाएं बच्चे के मुंह में टॉयलेट के जेट स्प्रे से गंदा पानी डालती हैं फिर उन्हें फ्रंटलोड व़शिंग मशीन के अंदर बंद कर देती हैं और बगल में खड़ी कर देती हैं।
इस घटना के बाद आक्रोश फैल गया। FIR तो दर्ज हुई ही साथ ही कर्नाटक के बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया। आयोग ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
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