Ram Mandir Donation: विहिप का चढ़ावा चोरी मामले में सख्त रुख, दबाव में हुआ चंपत राय का इस्तीफा! खुद देंगे अब हर सवाल का जवाब?

Champat Rai: देश और दुनिया के करोडों लोगों की आस्था के केंद्र अयोध्या के श्रीराम राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में नए-नए मोड़ आते जा रहे हैं। बीते दिन श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा की खबरें आती रहीं। लेकिन अभी तक इस इस्तीफे की पुष्टि भी ढंग से नहीं हुई है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्यगोपालदास ने इसका खंडन किया है। तो वहीं विहिप ने भी आधिकारिक तौर पर इस्तीफे की पुष्टि नहीं की है। इधर विहिप और ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारी मीडिया को दोनों के इस्तीफे की खबरें बता रहे हैं। लेकिन अब इस्तीफे और चढ़ावा चोरी के सारे सवालों का जवाब चंपत राय खुद देंगे मीडिया के सामने। और ये होगा SIT की रिपोर्ट पेश होने के बाद।
VHP और RSS के दबाव में हुआ इस्तीफा
इधर कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चंपत राय औऱ अनिल मिश्रा का इस्तीफा विश्व हिंदू परिषद् और RSS के दबाव हुआ। मंदिर के चढ़ावा चोरी में चंपत राय के ड्राइवर का नाम आने के बाद और फिर विपक्ष के दोनों संगठनों पर आरोप लगने के बाद विहिप और RSS, विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय से खासे नाराज थे।
इसी को लेकर दोनों संगठनों की हरिद्वार में 18 और 19 जून को बैठक हुई थी। इसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा को चोरी मामले में फटकार लगाई गई थी। 25 जून को उन दोनों से कहा गया कि वे अपना इस्तीफा दे दें। इसके बाद चंपत राय और ने अगले दिन अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
रिपोर्ट्स का कहना है कि चंपत राय से इसलिए इस्तीफा दिलवाया गया कि अगर आरोप लगने के बाद भी वो इस पद पर बने रहते तो जांच पर ही सवाल उठ जाते। मौके की तलाश में बैठा विपक्ष पूरे संगठन और सरकार पर ही निष्पक्षता में कमी का आरोप लगाता जो कि अभी कर भी रहा है।
जांच के दायरे से कोई बाहर नहीं- VHP अध्यक्ष आलोक कुमार
वहीं विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय, अनिल मिश्रा, कोई भी इस जांच के दायरे से बाहर नहीं है और ना ही ऐसा कोई इरादा है। उन लोगों के नाम FIR में हैं जो SIT की रिपोर्ट में हैं।
हालांकि इन सबके बावजूद अभी भी चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम ट्रस्टी के तौर पर दर्ज है। इसे अभी नहीं हटाया गया है।
अभी तक 8 लोग गिरफ्तार
बता दें कि इस मामले में अभी तक 8 नामजद लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। राम मंदिर चढ़ावे में चोरी के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाए थे। जिसके बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने SIT का गठन किया था। SIT ने गुरुवार को 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इससे पहले 23 जून को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी।
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