जंतर-मंतर पर धरना खत्म करने का ऐलान, सरकार ने मानी CJP की सारी मांगें

देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा सीजेपी का धरना प्रदर्शन आखिरकार खत्म होने का ऐलान हो गया है। सरकार के साथ सीजेपी की चली करीब 2 घंटे की बैठक के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस में सीजेपी ने खुद इसकी घोषणा की है। साथ ही ये भी बताया है कि सरकार ने उनकी सारी मांगें मान ली हैं।
तुरंत जंतर मंतर खाली करना शुरु कर दें प्रदर्शनकारी
प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री जेपी नड्डा, मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका मौजूद थे। सौरव दास ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत के बाद सीजेपी ये ऐलान कर रही है कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय टाइमलाइन के अंदर पूरा किया जाएगा। इसलिए तत्काल जंतर मंतर से प्रदर्शनकारी वापस जाना शुरू कर दें। आगे भविष्य में कोई मुद्दा होगा तो फिर वे इस तरह की योजना बनाएंगे लेकिन अभी के लिए तुरंत वे जंतर मंतर को खाली करना शुरू कर दें।
सौरव दास ने कहा कि सीजेपी की दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं। सराकर ने ये मांग भी मान ली है। सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह दर्ज सभी FIR की कॉपी शेयर करेगी, हमारी पिछली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 15 से 20 FIR दर्ज की गई थीं। हमें वे कॉपी किसी भी हाल में तीन से चार दिनों में मिल जाएंगी। हमने सरकार के साथ एक ड्राफ्ट शेयर किया है जो एक लिखित गारंटी है।
तीसरी मांग कि मृतक छात्रों, जिन्होंने आत्महत्या की है उनके परिवार को एक करोड़ का मुआवजा मिले, सरकार ने ये मांग भी मान ली है।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
कॉकरोच जनता पार्टी के डेलीगेशन से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सीजेपी प्रवक्ताओं से उनकी लंबी बातचीत हुई। वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे केस के बारे में 4 पॉइंट्स रखे थे कि कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवजा दिया जाए और उनके 5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार उन्हें FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी। दूसरी बात जो कही गई है, वह यह है कि मुआवजे के बारे में, सरकार ने साफ कहा है कि हमें भी सहानुभूति है। हम सभी ने कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा होगा, जो भी ज़्यादा से ज़्यादा हो सकेगा, उन्हें दिया जाएगा।
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