तो भारत के नेपाल जैसे हालात करने के लिए निकले हैं ये ‘कॉक्रोच’, ये प्रोपेगेंडा नहीं तो और क्या?

CJP Protest: देश की राजधानी नई दिल्ली की सड़कों पर आज तथाकथित जेनजी दौड़ लगा रहे हैं। पीठ पर बस्ता टांगे, एक हाथ में संविधान की किताब लिए, दूसरे में भारत का तिरंगा लेकर और जय भीम-इंकलाब जिंदाबाद और कभी-कभी भारत माता की जय के नारे ये युवा लगा रहे हैं। जंतर-मंतर पर BNSS की धारा 163 (पहले IPC की 144) लगी हुई। यानी यहां पर 5 या 5 से ज्यादा लोग झुंड नहीं लगा सकते ना ही किसी तरह का कोई धरना प्रदर्शन कर सकते हैं। लेकिन बावजूद इसके खुद को ‘कॉक्रोच’ कहने वाले ये लोग भारत के नेपाल जैसे हालात करने का दावा करते हुए भागते चले जा रहे हैं, कह रहे हैं कि उन्हें अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नहीं बल्कि पीएम मोदी का ही इस्तीफा चाहिए और नहीं दिया तो संसद का घेराव करेंगे, अंदर घुसकर तोड़-फोड़ करेंगे और फिर सारे के सारे कॉक्रोच वहीं बैठेंगे। यानी ये जेन जी नेपाल क्रांति का भारत में सपना संजोए हुए नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दौड़ रहे हैं।
भारत के नेपाल जैसे हालात करने का कर रहे दावा
सोशल मीडिया आज इन तरह के वीडियो से भरा पड़ा है। इन्हें सपोर्ट करने वाले कम नहीं है। वे इन वीडियोज़ को शेयर करते हुए इनका मनोबल इस तरह बढ़ा रहे हैं कि श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल में जेन-जी क्रांति की तरह अब भारत में भी ये क्रांतिकारी कदम हमारे देश के उन जेनजी युवाओं ने उठा लिया है जो खुद को फ़ख्र से कॉक्रोच कहते हैं।
पहले तो ये समझ में आ रहा था कि जंतर-मंतर पर ये युवा नीट पेपर लीक और उससे आहत उन बच्चों के लिए न्याय की मांग कर रहे थे, जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी। लेकिन धीरे-धीरे इस प्रोटेस्ट की परत खुलती गईं और सच्चाई बाहर आती गई। खुद की CJP का किसी तरह की राजनीति से दूर रहने का दावा करने वाले अभिजीत दिपके के इस धरने में भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मिलने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी और लोकसभा सांसद डिंपल यादव जैसे राजनेता पहुंचने शुरु हुए तो ये तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई कि ये पूरी तरह सियासी मंच था और विपक्ष के एजेंडे को प्रोपेगेंडा बनाकर उसे फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
ये कैसा शांतिपूर्ण प्रदर्शन?
कॉक्रोच जनता पार्टी की तरफ से पहले दिन से ही ये दावा किया जा रहा था कि ये उनका एक शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट हैं। लेकिन जो तस्वीरें आज आ रही हैं उसने इस पार्टी के इन दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। धारा 163 लागू होने के बावजूद दिल्ली की सडकों पर हजारों कॉक्रोच दौड़ते नजर आ रहे हैं। कई मेट्रो स्टेशन के बंद होने के बावजूद वहां के गेट तोड़-तोड़कर निकल रहे हैं, और ये सब करते हुए वो गर्व से सीना चौड़ करके भारत माता की जय और जय भीम के नारे लगा रहे हैं।
वहीं कई लोग तो कैमरे के सामने ये तक कहने में नहीं चूक रहे हैं कि वो भारत में अब नेपाल जैसी ‘जेनजी क्रांति’ लाकर रहेंगे। यहां की संसद में तोड़फोड़ मचाएंगे। वहां पर ये कॉक्रोच बैठेंगे और देश की सरकार चलाएंगे।
सोनम वांगचुक को कुछ होने के इंतजार में बैठी CJP
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही दिल्ली पुलिस ने 19 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को वहां से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उनकी देखभाल की जा रही है। यहां तक कि वांगचुक के हड़ताल के अधिकार की गरिमा भी रखी गई। उन्हें खाने को कोई अन्न नहीं बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स दिए गए। साथ ही दवाएं भी वांगचुक की मर्जी से ही दी जा रही हैं। बावजूद इसके अभिजीत दिपके अपने कॉक्रोचों को ये बता कर भ्रामकता फैला रहे हैं कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में इलाज के नाम पर नजरबंद किया गया है। उन्हें तुरंत छोड़ा जाए। यानी दिपके और CJP ये चाहती है कि सोनम वांगचुक को कुछ हो जाए तो उनके इस प्रदर्शन को कुछ मजबूती मिल सके।
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