Company salary delay करे तो कर्मचारी यहां पर करें शिकायत, तुरंत होगा एक्शन

क्या आपकी कंपनी भी सैलरी देने में देरी कर रही है? तो ये जानकारी आपके बहुत काम की है। क्योंकि नौकरीपेशा लोगों के लिए समय पर उनकी सैलरी मिलना सबसे जरूरी अधिकारों में से एक है। ऐसे मामलों में भारतीय कानून कर्मचारियों को कई कानूनी विकल्प उपलब्ध कराता है, जिनकी मदद से वे अपनी रूकी हुई सैलरी पा सकते हैं।
सबसे पहले कंपनी मैनजमेंट को दें लिखित शिकायत
अगर कंपनी आपकी सैलरी रोक रही है, तो सबसे पहले HR डिपार्टमेंट और कंपनी के अपर मैनेजमेंट को लिखित शिकायत भेजें। ईमेल या लेटर के जरिए की गई शिकायत भविष्य में कानूनी कार्रवाई के दौरान अहम दस्तावेजी सबूत का काम करती है।
लीगल नोटिस भेजना भी एक विकल्प
अगर HR और प्रबंधन स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो कर्मचारी किसी वकील के जरिए से कंपनी को लीगल नोटिस भेज सकता है। आमतौर पर नोटिस में कंपनी को बकाया वेतन का भुगतान करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाता है।
लेबर कमिश्नर के पास कर सकते हैं शिकायत
अगर लीगल नोटिस के बाद भी कंपनी भुगतान नहीं करती है, तो कर्मचारी अपने एरिया के श्रम आयुक्त यानी Labour Commissioner कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। श्रम विभाग ऐसे मामलों में जांच कर कंपनी को भुगतान के लिए निर्देश दे सकता है। कुछ मामलों में कर्मचारी 'पेमेंट ऑफ वेजेज एक्ट, 1936' की धारा 15 के तहत बकाया वेतन की वसूली के लिए प्राधिकरण के सामने दावा दायर कर सकते हैं।
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