POSH Act Explained: ऑफिस में बॉस करता है डबल मीनिंग बातें? जानिए महिलाओं के कानूनी अधिकार

POSH Act Explained: क्या आपका बॉस ऑफिस में आपसे डबल मीनिंग बातें करता है? गंदे मजाक करता है? या ऐसे कमेंट करता है जिससे आप असहज महसूस करती हैं? तो ये सिर्फ बदतमीजी नहीं, बल्कि कानून की नजर में यौन उत्पीड़न यानी Sexual Harassment भी हो सकता है।
क्या कहता है POSH Act 2013 कानून?
भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए POSH Act 2013 लागू है। इसका पूरा नाम है- कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम। इस कानून के तहत अगर किसी ऑफिस में 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी हैं, तो वहां Internal Committee यानी IC बनाना अनिवार्य है।
अश्लील कमेंट या डबल मीनिंग बातें भी पहुंचा सकती हैं जेल
अगर आपका बॉस या सहकर्मी डबल मीनिंग बातें करता है, अश्लील चुटकुले सुनाता है या यौन संकेत वाले कमेंट करता है, तो आप घटना के 3 महीने के भीतर IC के पास लिखित शिकायत दर्ज करा सकती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, ऐसे मामलों में आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है। भारतीय न्याय संहिता यानी BNS में पहले की IPC की धारा 354A के समान प्रावधान मौजूद हैं, जिसके तहत इस तरह की डबल मीनिंग बातें दंडनीय अपराध है। वहीं धारा 509 के तहत किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द, इशारे या व्यवहार पर भी कार्रवाई हो सकती है।
अगर कंपनी कार्रवाई नहीं करती, तो आप केंद्र सरकार के SHe-Box पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती हैं। इसके अलावा हेल्प के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग से संपर्क कर सकती हैं और किसी मदद की जरूरत हो तो महिला हेल्पलाइन 1091 पर कॉल भी कर सकती हैं। याद रखिए, कार्यस्थल पर सम्मान आपका अधिकार है और कानून आपके साथ खड़ा है।
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