कब तक चलेगा विपक्ष का ये ‘नाटक’? ना चर्चा करनी है ना सुझाव देना है, हंगामे से फिर पूरे दिन के लिए स्थगित संसद

20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरु हुआ लेकिन मंगलवार 4 अगस्त तक एक भी दिन ढंग से संसद की कार्यवाही नहीं चल सकी। दिनभर विपक्ष के हंगामे के चलते स्थगित होती रहती है तो कभी शाम और देर रात तक चलती है। 4 अगस्त तक संसद में सिर्फ दो बिल पास हुए हैं जिसमें एंटी पेपर लीक और वंदे मातरम से जुड़ा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान पर रोकथाम संसोधन विधेयक शामिल हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने समेत 3 बिल सिर्फ एक ही सदन में पारित हुआ है।
राम मंदिर पर राज्यसभा में जबरदस्त बहस
मंगलवार को सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरु हुई। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर विपक्ष ने इतना हंगामा किया कि 2 मिनट के भीतर ही स्पीकर ओम बिरला ने सदन स्थगित कर दिया। वहीं राज्यसभा में तो इससे भी ज्यादा हंगामा हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच राम मंदिर पर जोरदार बहस हुई।
‘श्रीराम के अपमान के लिए माफी मांगे कांग्रेस’
रिजिजू ने कांग्रेस, सपा समेत समूचे विपक्ष से श्रीराम और राम मंदिर के अपमान पर माफी की मांग की तो वहीं खड़गे ने चढ़ावा चोरी पर बीजेपी पर सवालिया निशान उठाए। किरेन रिजिजू ने तो यहां तक कह दिया था कि ये कांग्रेस, सपा वही हैं जिन्होंने तब हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था जब राम मंदिर बन रहा था। ये आज मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं।
सरकार चर्चा को तैयार फिर भी हंगामा क्यों- बीजेपी
इस पर संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि विपक्ष लगातार सदन में चर्चा ना करके वहां हंगामा कर रहा है। सदन नहीं चलने दे रहे हैं। देश और सरकार के जो जरूरी काम हैं वो बिना चर्चा के किए जा रहे हैं, जो कि ठीक नहीं है। सरकार तो कितनी बार कह चुकी है कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन बावजूद इसके विपक्ष ऐसी हरकतें कर रहा है।
सरकार चर्चा के लिए मान ही नहीं- कांग्रेस
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमारी मांग तो पहले से ही एक ही है कि स्पीकर और सभापति, दोनों मिलकर दोनों सदनों में चर्चा के लिए अनुमति दें। अगर चर्चा शुरू होगी तो सारी चीजें सामने आ जाएंगी। इसी के चलते हम सिर्फ चर्चा चाहते हैं।
खड़गे ने कहा कि हम चाहते हैं कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट और बच्चों के साथ जो अन्याय और अत्याचार हुआ, उस पर चर्चा हो। वो क्यों घबरा रहे हैं। आप अपना बयान दो ना, हम उस पर चर्चा करेंगे।
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