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‘सुबह सोचकर ही आते हो क्या, चलने ही देना है सदन’, विपक्ष के जोरदार हंगामे के बाद 5 मिनट में ही स्थगित लोकसभा तो राज्यसभा 20 मिनट में

‘सुबह सोचकर ही आते हो क्या, चलने ही देना है सदन’, विपक्ष के जोरदार हंगामे के बाद 5 मिनट में ही स्थगित लोकसभा तो राज्यसभा 20 मिनट में
राष्ट्रीय
03 Aug 2026, 11:43 am
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

विपक्ष ये तय करके ही आता है आज संसद चलने ही देना है। सदन शुरु होते ही जमकर हंगामा करना विपक्ष ने अपनी आदत में शुमार कर लिया है। जिसके चलते सोमवार को फिर लोकसभा 11 बजे शुरु होने के 5 मिनट बाद ही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

लोकसभा स्पीकर ने विपक्ष को सुनाई खरी-खरी

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को खरी-खरी सुनाई और कहा कि ये लोकतंत्र का मंदिर है, यहां जनता के हितों के काम होते हैं उसमें विपक्ष अपनी हरकत से व्यवधान डाल रहा है। उन्होंने कहा कि आप सुबह यही सोच कर आते हो क्या आज सदन चलने नहीं देना है। विपक्ष लगातार शोर मचा रहा था कि छात्र आंदोलन में बच्चों की हत्या की कोशिश गई है ये बर्दाश्त नहीं होगा, जबकि किसी भी बच्चे के साथ ऐसा नहीं हुआ है। बावजूद इसके इस तरह के आरोप विपक्ष सदन में खड़े होकर आरोप लगा रहा है।

राज्यसभा में नारेबाजी के बीच ही 19 मिनट चला प्रश्नकाल

इधर राज्यसभा में शुरुआत के 5 मिनट तो शांति में निकले लेकिन उसके बाद अचानक कांग्रेस समेत विपक्षी सांसद वेल प्लेकार्ड्स लेकर उतर आए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सख्त लहजे में हंगामा मचा रहे सांसदों को हिदायत दी और नारेबाजी के बीच ही प्रश्नकाल शुरु कराया। लेकिन आखिर में 11 बजकर 19 मिनट पर उन्होंने सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। विपक्षी सांसद शांत रहने का नाम ही नहीं ले रहे थे।

"देश पीएम मोदी की माफी चाहता है और ये बच्चों को ही माफ कर रहे"

संसद में विपक्ष के प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि “गृह मंत्री से ये पूछा ही जाना चाहिए कि छात्र प्रदर्शन में बच्चों के ऊपर गोलियां किसके कहने पर चलवाई गईं। पूरा देश ये जानना चाहता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माफी चाहता है। लेकिन यहां तो प्रधानमंत्री खुद ही बच्चों को माफ कर रहे हैं। कल को नीरव मोदी कह देंगे कि मैंने सारे बैंकों को माफ कर दिया, ये क्या हरकत है?”

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