धर्मेंद्र प्रधान पर गिरेगी गाज, निर्मला सीतारमण OUT? मोदी कैबिनेट से 3 मंत्रियों की छुट्टी?

क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की छुट्टी हो सकती है? क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का मंत्रालय बदल सकता है? क्या पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल रही है? जी हां आज की तारीख का ये सबसे बड़ा और सबसे विस्फोटक सवाल बन चुका है। क्योंकि सियासी गलियारों समेत मीडिया रिपोर्ट्स की इस चर्चा ने सभी को सन्न कर दिया है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स ने इस पर चर्चा छेड़ दी है कि किन मंत्रियों की मोदी कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है।
धर्मेंद्र प्रधान का हो सकता है इस्तीफा?
इनमें सबसे पहला नाम है देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का। जिनका इस्तीफा NEET पेपर लीक के बाद से मांगा जा रहा है। ABVP और संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले धर्मेंद्र प्रधान पिछले करीब 12 सालों से मोदी सरकार का हिस्सा हैं। वे फिलहाल ओडिशा के संबलपुर से सांसद हैं और जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्रालय संभाल रहे हैं।
लेकिन उनके कार्यकाल में कई विवाद सामने आए। इनमें NEET परीक्षा को लेकर विवाद, UGC-NET परीक्षा रद्द होना, CBSE कॉपी मूल्यांकन पर सवाल, UGC की कुछ गाइडलाइन्स पर विरोध और नई शिक्षा नीति के इंप्लीमेंटेशन की धीमी रफ्तार जैसे मुद्दे शामिल हैं। बस इन्हीं वजहों के चलते विपक्ष लगातार उनका इस्तीफा मांगता रहा और अब कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं में उनका नाम भी सामने आ रहा है।
पेट्रोलियम मंत्री भी राडार पर
अब बात पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की। 1974 बैच के पूर्व IFS अधिकारी हरदीप सिंह पुरी 2017 से केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उनके नाम को लेकर भी चर्चाएं हैं। इसकी एक वजह उनकी बढ़ती उम्र बताई जा रही है। वहीं विपक्ष ने कुछ अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों और जेफरी एपस्टीन से कथित संपर्क को लेकर आरोप लगाए थे। हालांकि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई और पुरी ने भी इन्हें स्वीकार नहीं किया है।
रवनीत सिंह बिट्टू मंत्रिमंडल में हो सकते हैं शामिल
तीसरा नाम है रवनीत सिंह बिट्टू, अब बात रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस में रहे और बाद में बीजेपी में शामिल हुए।
हाल ही में उन्होंने सार्वजनिक रूप से पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। ऐसे में चर्चा है कि उन्हें संगठन और पंजाब की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सीतारमण के पास से जा सकता है वित्त विभाग
चौथा और सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम है देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का। जो 2019 से देश की वित्त मंत्री हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर नई रणनीति के तहत वित्त मंत्रालय में बदलाव कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो सबसे मजबूत नाम RBI के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास का बताया जा रहा है। 1980 बैच के IAS अधिकारी शक्तिकांत दास आर्थिक मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, G20 शेरपा और 2018 से 2024 तक RBI गवर्नर रह चुके हैं।
नोटबंदी, GST और डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने जैसे बड़े आर्थिक फैसलों के दौरान उन्होंने अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि उन्हें संभावित वित्त मंत्री के तौर पर देखा जा रहा है।
अरुण गोविल सबसे चौंकाने वाला नाम
अगला नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में है, वो है अरुण गोविल का, जो मेरठ सांसद हैं। रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाकर लोकप्रिय हुए अरुण गोविल 2024 में पहली बार सांसद बने। अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव है। ऐसे में बीजेपी उन्हें सामाजिक और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से कैबिनेट में जगह दे सकती है।
राघव चड्ढा को बनाया जा सकता है मंत्री
अब बात उस नाम की, जिसकी चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है—राघव चड्ढा। चार्टर्ड अकाउंटेंट से राजनीति में आए राघव चड्ढा कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे करीबी नेताओं में गिने जाते थे। 2020 में दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक बने, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे और 2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे। लेकिन अप्रैल 2026 में उन्होंने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए AAP के 6 और राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम ने राज्यसभा में बीजेपी की ताकत भी बढ़ाई।
अब चर्चा है कि अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह दे सकती है। इसकी वजह ये मानी जा रही है कि राघव चड्ढा पंजाब की राजनीति, AAP के संगठन और चुनावी रणनीति की गहरी समझ रखते हैं। माना जा रहा है कि शहरी वोटर्स और युवाओं के बीच उनकी पकड़ बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
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