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सीकर के मास्टर प्लान को लेकर गरमाई सियासत, UDH मंत्री खर्रा और PCC चीफ डोटासरा आमने-सामने

सीकर के मास्टर प्लान को लेकर गरमाई सियासत, UDH मंत्री खर्रा और PCC चीफ डोटासरा आमने-सामने
राजस्थान
28 Jun 2026, 05:45 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Sikar: एजुकेशन हब सीकर इन अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया है। इसकी वजह से इस जिले का मास्टरप्लान, जिस पर अब विवाद छिड़ गया है। इसमें UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा और सीकर से लक्ष्मणगढ़ के विधायक गोविंद सिंह डोटासरा दोनों कूद पड़े हैं। इन दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर बयानबाजी की है।

‘गहलोत सरकार ने किया पाप’

'सीकर मास्टर प्लान 2041' पर UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने एक बयान दिया था। मंत्री खर्रा ने मीडिया के सामने दो टूक कहा कि मास्टर प्लान का असली दर्द जनता को नहीं, बल्कि सिर्फ कांग्रेसियों और सबसे ज़्यादा भूमाफियाओं के पेट में हो रहा है।

खर्रा ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने मास्टर प्लान के नाम पर केवल 'पाप' करने का काम किया था और अब भजनलाल सरकार उस पाप के कीचड़ को साफ़ करने में जुटी है। खर्रा का दावा है कि टीमें ग्राउंड पर काम कर रही हैं, और अगले महीने तक UIT की नई आवासीय कॉलोनियों को धरातल पर मंज़ूरी मिल जाएगी। यही नहीं, उन्होंने सफाई कर्मचारियों की भर्ती को लेकर भी बड़ा ऐलान किया कि अक्टूबर में नए सिरे से नियुक्तियां की जाएंगी।

‘बीजेपी सरकार की नीयत ही नहीं’

इस पर PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के मंच से पलटवार कर डाला। उन्होंने बीजेपी सरकार की नीयत पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए। डोटासरा ने सीधा चैलेंज देते हुए कहा-"अगर सीकर की जनता इस मास्टर प्लान को नहीं चाहती, तो ये सरकार इसे निरस्त क्यों नहीं कर देती?" डोटासरा ने याद दिलाया कि खुद UDH मंत्री ने संशोधनों के नाम पर साल भर इस प्लान को रोके रखा, और जब वो संतुष्ट हुए, तभी नगर परिषद में इसके प्रारूप का प्रकाशन हुआ। अब जब जनता सड़कों पर उतरकर जन आक्रोश सभाएं कर रही है, तो मंत्री अपने समय के फैसले का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ रहे हैं।

सीकर को नगर निगम तक नहीं बना पाई बीजेपी

डोटासरा ने इस सियासी घेराबंदी को और बड़ा करते हुए पूछा कि अगर मास्टर प्लान लागू ही नहीं करना था, तो शहरी सीमा में 80 गांव-ढाणियों को क्यों जोड़ा गया? आज उन ग्रामीणों की सुविधाएं अटकी हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसा कि दो साल में बीजेपी सीकर को 'नगर निगम' तक नहीं बना पाई।

NEET पर भी घेर गए एक-दूसरे को

ये विवाद सिर्फ मास्टर प्लान तक सीमित नहीं रहा। दोनों दिग्गज नेताओं ने देश को हिला देने वाले 'नीट परीक्षा घोटाले' पर भी एक-दूसरे को घेरा। जहां डोटासरा ने पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं को लेकर सरकार के एजुकेशन सिस्टम और नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। वहीं सत्ता पक्ष की तरफ से भी इस पर करारा जवाब दिया गया।

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