‘बच्चों को भड़काएं नहीं’, नीट पेपर लीक पर पहली बार बोले पीएम मोदी

नीट पेपर लीक को लेकर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में सांसदों से अपील की कि वे बच्चों को भड़काने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाएं। उन्होंने कहा कि ‘गलत रास्ते पर चलना आसान है, लेकिन सही रास्ते पर वापस आना कहीं ज़्यादा मुश्किल है, और हमें उन्हें सही रास्ते पर लाना है. यह हमारी जिम्मेदारी है। ’ये बयान उन्होंने दिल्ली में छात्रों के बड़े विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद दिया है। जिसके अब कई बड़े मायने निकाले जा रहे हैं।
नीट के अलावा इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बता दें कि NDA संसदीय दल की ये बैठक ‘मंगल मिलन’ पर हुई है। जिसमें NDA के सभी घटक दल के सांसद शामिल रहे। इस बैठक को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने कई अहम मुद्दों पर बात की। हाल के महीनों में देश की कामयाबियों का ज़िक्र किया और अलग-अलग देशों के साथ हुए FTA के बारे में बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने जानकारी देते हुए आगे कहा कि NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की खबरें मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई गई और नतीजे घोषित किए गए। उन्होंने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया।
NDA के संसदीय दल के बैठक के इतर विपक्ष के I.N.D.I.A. गठबंधन की मीटिंग
एक तरफ मंगलवार को NDA के सांसदों की बैठक हुई तो दूसरी तरफ संसद भवन में समूचे विपक्ष के I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक भी हुई। इस बैठक में बीते दिन के सीजेपी के प्रदर्शन के बारे में और आगे की रणनीति के बारे में चर्चा की संभावना जताई गई है। इसे लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि ये कोई नया मुद्दा नहीं है लेकिन मुद्दा ये है कि बार-बार ये हो रहा है लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। ये देश के युवा है और उनके मां-पाप उन्हें लोन लेकर पढ़ाते हैं ये कितनी मुश्किल परिस्थिति है बच्चा कह रहा है कि क्या मैं संघर्ष ही करता रहूं? ये बहुत गंभीर मामला है इस हल्के में नहीं लिया जा सकता है। मोदी जी एंटी यूथ हैं, एंटी गरीब हैं और एंटी किसान हैं 12 साल हो गए हैं आप सब देख रहे हैं।
ये भी पढ़ें- तो भारत के नेपाल जैसे हालात करने के लिए निकले हैं ये ‘कॉक्रोच’, ये प्रोपेगेंडा नहीं तो और क्या?
इस लिंक को शेयर करें

