‘जहां तर्क वहां तूफान की जरूरत नहीं’, मानसून सत्र की शुरूआत से पहले बोले पीएम मोदी

Parliament Monsoon Session: 20 जुलाई यानी आज से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। सत्र में विपक्ष बीजेपी सरकार पर पूरी तरह हमलावर होने की तैयारी में है। सोनम वांगचुंग, सीजेपी प्रोटेस्ट, नीट पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा समेत कई मुद्दे विपक्ष के पिटारे में हैं। इधर सत्र की शुरूआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। चाहे वो राष्ट्रीय हों, अंतर्राष्ट्रीय हों, हर तरह से भारत के लिए गर्व करने की मौका मिला है।
विपक्ष से शांतिपूर्ण चर्चा की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि ये मानसून सत्र काफी अहम है। इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण बिल लाने वाली है। पीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि जहां तर्क है, तथ्य है, वहां पर शोर-शराबे की कोई जरूरत नहीं है। आपके तथ्य मजबूत होने चाहिए तो आवाज ऊंची नहीं करनी पड़ेगी। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि संसद में जो चर्चाएं होंगी वो तर्क और तथ्यों के साथ होंगी। विपक्ष से अपील है कि शांतिपूर्ण तरीके से संसद को चलने दें और जनहित में लाए गए बिलों पर चर्चा करें।
राजस्थान रिफाइनरी का किया जिक्र
पीएम मोदी ने राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी का जिक्र भी अपने बयान में किया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों राजस्थान में देश की बहुत बड़ी तेल रिफाइनरी खोली गई है। कुछ दिन पहले तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट खुला है। ग्रीन हाइड्रोजन वाली ट्रेन चली है। ये सब कुछ भारत के पास है, विश्व के कई देशों के पास अभी भी ये नहीं है।
कौन-कौन से विधेयक होंगे पेश
मानसून सत्र जो 13 अगस्त तक चलेगा। इस अंतराल में संसद में आयकर संसोधन विधेयक-2026, सर्वोच्च न्यायालय संसोधन विधेयक-2026 (जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 होगी), राष्ट्रीय सम्मान अपमान रोकथाम विधेयक-2026, वंदे को कानूनी संरक्षण देने वाला विधेयक समेत MSME उद्योगों को और आसान और राहत देने वाला बनाने के लिए सुधार वाले विधेयक पेश किए जा सकते हैं।
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