धुएं से LPG गैस तक...उज्जवला योजना से कैसे बदली महिलाओं की जिंदगी

PM Ujjwala Yojna: क्या आपको वो दौर याद है, जब गांवों की महिलाएं सुबह-सुबह जंगलों में लकड़ियां बीनने निकल जाती थीं? घंटों की मेहनत के बाद लकड़ी घर लाकर मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाती थीं। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी थी चूल्हे से निकलने वाला जहरीला धुआं। यही धुआं उनकी आंखों में जलन करता था, सांस लेने में तकलीफ देता था और धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों की वजह बन जाता था। लेकिन साल 2016 में शुरू हुई एक सरकारी योजना ने करोड़ों महिलाओं की जिंदगी बदलने का दावा किया। इस योजना का नाम है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना।
1 मई 2016 को यूपी के बलिया से की थी शुरुआत
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना यानी PM Ujjwala Yojana की शुरुआत 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बलिया से की थी। इस योजना का उद्देश्य था गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना, ताकि उन्हें धुएं से भरे चूल्हे पर खाना न बनाना पड़े। उज्ज्वला योजना शुरू होने से पहले देश के लाखों ग्रामीण परिवारों में खाना लकड़ी, उपले, कोयला या फसल के अवशेष यानी पराली जलाकर बनाया जाता था। इससे घर के अंदर भारी मात्रा में धुआं भर जाता था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार, घर के भीतर ठोस ईंधन के धुएं से होने वाला वायु प्रदूषण महिलाओं और बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा बनता है। इससे सांस की बीमारियां, आंखों में संक्रमण, फेफड़ों की समस्या और समय से पहले मौत का खतरा भी बढ़ जाता है।
ऐसे में उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं के नाम पर LPG गैस कनेक्शन दिए गए। इससे खाना जल्दी बनने लगा, धुएं से राहत मिली और महिलाओं का समय भी बचने लगा। यह समय अब वे परिवार, बच्चों की पढ़ाई या दूसरे कामों में लगा सकती हैं।
10 अगस्त 2021 को शुरु हुई उज्ज्वला 2.0
सरकार ने समय-समय पर इस योजना का विस्तार भी किया। बाद में 10 अगस्त 2021 को उज्ज्वला 2.0 शुरू की गई, जिसके तहत नए लाभार्थियों को भी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। प्रवासी श्रमिकों समेत कई वर्गों के लिए आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया। सरकार की तरफ से समय-समय पर LPG सिलेंडर पर सब्सिडी भी दी जाती रही है, ताकि गरीब परिवार गैस सिलेंडर का रेगुलर इस्तेमाल कर सकें।
अब तक 10.58 करोड़ से ज्यादा मुफ्त LPG कनेक्शन दिए गए
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक देशभर में 10.58 करोड़ से ज्यादा मुफ्त LPG कनेक्शन दिए जा चुके हैं। ये दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छ ईंधन योजनाओं में से एक मानी जाती है।
ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि उज्ज्वला योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से राहत देने और स्वच्छ रसोई उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा बदलाव किया है।
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