‘1 लाख डिलीवरी में ‘सिर्फ’ 48 प्रसूताओं की मौत, ये तो सामान्य’...स्वास्थ्य मंत्री खींवसर के फिर असंवेदनशील बयान पर बवाल

Bikaner and Kota Pregnant women death: राजस्थान के कोटा और बीकानेर के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने फिर से असंवेदनशील बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिर्फ 48 प्रसूताओं की मौत हो गई है। जो कि सामान्य से भी कहीं बेहतर है।
कोटा और बीकानेर की घटना का कोई संबंध नहीं
कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि कोटा और बीकानेर की घटनाओं का आपस में कोई संबंध नहीं है। राजस्थान में कुल 1 लाख डिलीवरी होती हैं और सिर्फ 48 मौते प्रसूताओं की मौत हुई है। ये सामान्य से बढ़िया है और बेहतर है। अब आप देख लीजिए कि राजस्थान में कितनी अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं हैं।
इसी के साथ स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गांव में और शहर में सरप्राइजिंग विजिट हो रही है। PHC और CHC में इसके बाद मेडिकल कॉलेज में बिना किसी को बताए मैं निरीक्षण पर जाता हूं। जहां पर कई कर्मचारी बिन बताए छुट्टी पर पाए गए थे। 4 डॉक्टर में से 3 छुट्टी पर थे। उन पर कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं।
48 मौतें क्या कोई मायने नहीं रखती
मंत्री के असंवेदनशील बयान पर जनता भी भड़क गई और सोशल मीडिया पर उबाल आ गया है। लोगों ने मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर पर संवेदनशीलता खो देने की बात कही है। उनका कहना है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को इस बात का दर्द नहीं कि 48 घर उजड़ गए, 48 परिवारों की दुनिया खत्म हो गई। उनके लिए ये सिर्फ आंकड़े हैं। शायद मंत्री के लिए 48 महिलाओं की मौतें कोई मायने ही नहीं रखतीं। क्या उनका मतलब है कि अगर 500-600 महिलाओं की मौत होती तो तब कुछ कहा जा सकता था, ये 48 तो कुछ भी नहीं है।
लोगों का कहना है कि क्या इंसानी जिंदगी की कीमत अब सिर्फ प्रतिशतों में तय होगी? जबकि मंत्री जी को ये कहना चाहिए था कि 48 मौतें काफी गंभीर हैं, इन्हें कम करने की कोशिश की जाएगी और जांच बिठाई जाएगी।
पहले कहा था नाचते हुई आई थीं क्या गर्भवती
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बीकानेर में PBM अस्पताल में प्रसूताओं की हालत बिगड़ने के दौरान वहां का दौरा किया और मीडिया से बात की थी। जिसमें पत्रकारों के सवाल मंत्री जी भड़क गए थे और अस्पताल के प्रिंसिपल को खड़ा कर पूछने लगे कि बताओ ये गर्भवती नाचते हुए आई थीं या धीरे-धीरे आई थीं। स्वास्थ्य मंत्री के प्रसूताओं की गंभीर हालत और मौत पर इस तरह के असंवेदनशील बयान पर मंत्री और सरकार की काफी किरकिरी हुई थी।
बीकानेर में 2, कोटा में 6 प्रसूताओं की हो चुकी है मौत
जिले के PBM अस्पताल में 5 से 2 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है वहीं 1 अभी भी वेंटीलेटर पर है और 2 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं कोटा में भी 6 प्रसूताओं की डिलीवरी के बाद किडनी समेत मल्टीपल ऑर्गन फेल होने के चलते मौत हो गई थी।
ये भी पढ़ें- पंचायत चुनाव के तैयारी में जुटे बेनीवाल, चप्पे-चप्पे पर बिठा रहे अपने सिपाही
इस लिंक को शेयर करें

