छात्रों की गूंज नहीं, राहुल गांधी का 'कॉन्सर्ट', नीट पेपर लीक में कांग्रेस का इतना भद्दा मजाक!

Rahul Gandhi: बीते दिन देर शाम को कोटा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की छात्रों की गूंज नाम से रैली हुई। जिसमें हजारों लोग आए थे। इनमें छात्र, बेरोजगार समेत कई लोग थे। दावा किया गया कि ये कोई राजनीतिक रैली नहीं है, यह तो छात्रों के दर्द को सुनने का मंच है। लेकिन क्या सच में ऐसा था? या फिर देश के भविष्य, उन मासूम छात्रों के जज्बातों के साथ सिर्फ और सिर्फ एक 'पॉलिटिकल पीआर स्टंट' और इवेंटबाज़ी की गई?
ट्रेन की जगह प्लेन से आए लेकिन ट्रेन से ही वापस गए
सियासी जानकार इसे लेकर अब कई सवाल उठा रहे हैं कि कल तक ढिंढोरा पीटा जा रहा था, खुद कांग्रेस के बड़े नेता बयान दे रहे थे कि राहुल गांधी 'ट्रेन' से सफर करके कोटा आ रहे हैं। आम जनता को दिखाने के लिए यह नैरेटिव सेट किया गया कि कांग्रेस नेता कितने जमीन से जुड़े हैं। लेकिन जैसे ही कोटा में एंट्री की बारी आई, तो सारा मुखौटा उतर गया। ट्रेन गायब हो गई और राहुल गांधी की शाही एंट्री होती है चमचमाते प्राइवेट जेट से। लेकिन वापसी की ट्रेन से।
सोशल मीडिया पर भी अब बीजेपी समर्थक यूजर्स कह रहे हैं कि संसद में राहुल गांधी खुद को आम जनता का नुमाइंदा बताते हैं, लेकिन जब ज़मीन पर उतरने की बात आती है, तो बिना चार्टर्ड प्लेन और वीआईपी कल्चर के आपका काम नहीं चलता? कोटा का जो छात्र पाई-पाई जोड़कर, तंग कमरों में रहकर अपनी किस्मत बदल रहा है, उसके सामने आप लाखों-करोड़ों के प्राइवेट जेट से उतरकर 'सादगी' का कौन सा पाठ पढ़ा रहे थे?

आत्महत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर म्यूजिक कॉन्सर्ट कर दिया
कोटा में लाखों छात्र इस उम्मीद में थे कि शायद उनकी समस्याओं, नीट पेपर लीक के तनाव और उनके मानसिक दबाव पर कोई गंभीर चर्चा होगी। लेकिन वहां का नजारा क्या था? गंभीर चर्चा तो दूर, वह पूरा माहौल किसी 'म्यूजिकल कॉन्सर्ट' या रॉक शो जैसा नजर आ रहा था! बड़े-बड़े लाउडस्पीकर, भड़काऊ नारेबाज़ी, VIP चमचों की फौज और पूरी तरह से रील्स और सोशल मीडिया के लिए तैयार किया गया एक हाई-टेक ड्रामा।
बीजेपी के नेताओं ने भी सही सवाल उठाया है कि नीट (NEET) की परीक्षा सिर पर है और ऐसे समय में छात्रों का ध्यान भटकाने के लिए यह तामझाम क्यों? क्या राहुल गांधी सच में छात्रों का दर्द बांटने आए थे या फिर पेपर लीक की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने और गिरती साख को बचाने के लिए एक नया 'टूलकिट' तैयार करने आए थे?

कोटा का छात्र आज इंसाफ़ मांग रहा है, व्यवस्था से सुधार मांग रहा है, ना कि किसी नेता का प्राइवेट जेट से उतरना और कॉन्सर्ट जैसी रैलियों में भीड़ का हिस्सा बनना।
राजेंद्र राठौड़ ने बता दिया था फ्लॉप शो
राहुल गांधी की इस रैली को फ्लॉप शो करार दिया। उन्होंने इसे बच्चों की समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक दिखावा बताया और कहा कि ये तो यहां कॉमेडी सर्कस करने आए थे जो कि फ्लॉप रहा। राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी बच्चों की आत्महत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बात करने आए थे या फिर मंच पर पॉप शो कराने।
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