होम/national/rahul-gandhi-phone-call-jharkhand-student-protest

झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन ‘हाईजैक’ करने पहुंचा ‘आजादी गैंग’, राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से की फोन पर बात

झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन ‘हाईजैक’ करने पहुंचा ‘आजादी गैंग’, राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से की फोन पर बात
राष्ट्रीय
07 Aug 2026, 04:50 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

झारखंड में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन अब बड़ा सवाल बन चुका है। सवाल सिर्फ पेपर लीक का नहीं है… सवाल ये भी है कि जब छात्र सड़क पर हैं, अनशन कर रहे हैं, बारिश और धूप में बैठे हैं, तो उनकी आवाज सुनने के लिए सरकार का कौन-सा नुमाइंदा मौके पर पहुंचा? क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार मीडिया के सामने ये कहते नजर आ रहे हैं कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है… लेकिन प्रदर्शन स्थल पर छात्रों के मुताबिक अब तक सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा।

आजादी गैंग की प्रदर्शन हाईजैक करने की कोशिश नाकाम

इसी बीच आंदोलन में उस वक्त नया विवाद खड़ा हो गया, जब AISA अध्यक्ष नेहा बोरा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और मंच पर चढ़कर ‘आजादी-आजादी’ के नारे लगवाने लगीं। लेकिन यहां तो सच्चे स्टूडेंट्स का प्रदर्शन था, जिन्होंने पहले ही ये कह दिया था कि यहां पर किसी विचारधारा से जुड़े छात्रों का प्रोटेस्ट नहीं चल रहा तो ऐसे लोग यहां आए भी नहीं। बस फिर क्य़ा था, प्रदर्शनकारी छात्रों से उनका विवाद हो गया। छात्रों ने विरोध किया और नेहा बोरा को मंच से नीचे उतार दिया गया। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद एक युवक ने नेहा बोरा पर स्याही फेंक दी।

यानी जिस आंदोलन को छात्र अपने रोजगार और परीक्षा व्यवस्था के सवाल तक सीमित रखना चाहते हैं, वहां राजनीतिक रंग आने को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है।

राहुल गांधी ने फोन पर की प्रदर्शनकारी छात्रों से बात

वहीं कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बातचीत की है। उनसे कहा है कि कल सरकार छात्रों को बात करने बुलाएगी। छात्रों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं… कार्रवाई चाहिए।

JPSC और JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं में धांधली

दरअसल, झारखंड में छात्र JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि पूरे मामले की CBI जांच हो, गड़बड़ी से प्रभावित परीक्षाएं रद्द की जाएं और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए स्वतंत्र जांच कराई जाए।

दूसरी तरफ सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान देशभर की राजनीति में हलचल दिखाई दी थी। लेकिन झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर वैसी राजनीतिक सक्रियता क्यों नजर नहीं आ रही? क्या छात्र आंदोलन का समर्थन मुद्दे के आधार पर होता है या फिर सत्ता और राजनीति देखकर? झारखंड में JMM, कांग्रेस और RJD गठबंधन की सरकार है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं। ऐसे में सवाल और बड़ा हो जाता है...कि क्या सरकार सिर्फ मीडिया के सामने छात्रों के साथ खड़ी है, या प्रदर्शन स्थल पर जाकर उनकी बात भी सुनेगी,,,क्योंकि ये बच्चे किसी राजनीतिक दल के लिए वोट बैंक नहीं मांग रहे। अब राहुल गांधी के फोन के बाद कांग्रेस गठबंधन की हेमंत सोरेन सरकार छात्रों के लिए क्या कदम उठाती है, ये देखने वाली बात होगी।

ये भी पढ़ें- राहुल-प्रियंका के करीबी धीरज गुर्जर को कांग्रेस ने हटाया, राजस्थान के पूर्व विधायक ने जमाया कब्जा


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2026 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.