राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के लिए आधी रात को प्रदर्शन पर बैठे रहे सचिन पायलट और हरीश चौधरी, जानिए पूरा मामला

Sachin Pilot and Harish Chaudhary on Meenakshi Natarajan: मध्य प्रदेश राज्यसभा की कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद इस पर सियासत जारी है। कांग्रेस इसे बीजेपी की करतूत बता रही है, वहीं बीजेपी कह रही है कि ये कांग्रेस की अंदरूनी उठापटक है और कानून की पारदर्शिता है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजस्थान कांग्रेस की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वो ये कि राजस्थान कांग्रेस के दो दिग्गज नेता सचिन पायलट और मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कितनी फुर्ती से डटे रहे।
स्क्रूटनी के दिन ही बीजेपी ले आई कोर्ट का नोटिस
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र भरने से पहले ही उनका एक कानूनी नोटिस सामने आ गया। बीजेपी स्क्रूटनी के दिन ही रिटर्निंग ऑफिसर के सामने वो नोटिस का कागज लेकर चले गए जो मीनाक्षी को कोर्ट ने जारी किया था। जो हैदराबाद कोर्ट से जुड़ा हुआ था। बस इसी को आधार बनाकर रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया। जिससे कांग्रेस के हाथ से ये राज्यसभा सीट चली गई।
सचिन पायलट और हरीष चौधरी सडकों पर डटे रहे
इसके बाद MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की लीडरशिप में चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। इस धरने की सबसे बड़ी तस्वीर तब आई, जब राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और बायतू विधायक हरीश चौधरी भोपाल पहुंचे। कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए इन दोनों दिग्गजों ने आधी रात में, सड़क पर ही बिस्तर लगा लिया और पूरी रात वहीं गुजार दी। इनके साथ के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश और भूपेश बघेल भी थे। भारी पुलिस बल के बावजूद ये नेता झुकने को तैयार नहीं हुए। हरीश चौधरी ने मोर्चा संभालते हुए सीधे कहा कि "चुनाव आयोग के जरिए पहले 'वोट चोरी' हुई और अब 'सीट चोरी' का खेल शुरू हो चुका है। हम इस तानाशाही के खिलाफ कोर्ट में भी लड़ेंगे।"
सचिन पायलट ने उठाए सवाल
दूसरी तरफ, सचिन पायलट ने शांत लेकिन बेहद तीखे अंदाज़ में संस्थाओं के दुरुपयोग पर उंगली उठाई और कहा कि "जिस उम्मीदवार पर कोई FIR या चार्जशीट नहीं है, उसका नामांकन क्यों रद्द हुआ? यह सिर्फ एक सीट का मुद्दा नहीं, बल्कि विपक्ष की आवाज को कुचलने की कोशिश है।"
ऐसे में बात पाक साफ है कि राजस्थान के ये दोनों नेता मध्य प्रदेश में पूरी तरह 'एक्टिव मोड' में हैं। अब देखना होगा कि क्या मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा उम्मीदवारी छिनने और कांग्रेस से एक सीट चली जाने पर पार्टी का अगला कदम क्या रहता है।
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