क्या सरकार ने मान ली है सोनम की मांगें, जानिए वांगचुक ने क्यों खत्म किया अनशन?

सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने खुद मेदांता अस्पताल पहुंचकर अपने हाथों से काढ़ा या चाय पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया है। ऐसे में कई लोगों में ये सवाल कौंध रहा है कि क्या केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक की मांगें मान ली हैं, क्या उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। तो बता दें कि ऐसा नहीं है। इसके पीछे क्या कारण है वो हम आपको बता रहे हैं।
अनशन तोड़ने पर क्या कहा सोनम वांगचुक ने?
एक्टिविस्ट और इंजीनियर सोनम वांगचुक ने खुद ये साफ किया है कि केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें लिखित आश्वासन मिला है। रात साढे 11 बजे खुद जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने आए थे। इसके अलावा लद्दाख की एपेक्स बॉडी के बड़े नेता भी वहां मौजूद थे।
वांगचुक ने कहा कि पिछले दो दिनों से सरकार से साथ इसे लेकर बातचीत चल रही थी। क्योंकि उन्होंने ही ये मांग की थी उन्हें लिखित में ही आश्वासन चाहिए। इसलिए दो दिन का समय लगा फैसला होने में। वांगचुक ने ये भी कहा कि आश्वासन मिलने के बाद वो अनशन खत्म कर रहे हैं।
क्या हैं सरकार के आश्वासन की 3 बड़ी बातें
1-जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को प्रोटेस्ट में शामिल लोगों पर कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा।
2-संसद में पेपर लीक को रोकने और एग्जाम सिस्टम को सुधारने पर चर्चा हो और इसका कोई निश्चित समाधान निकाला जा सके।
3-नीट पेपर लीक की वजह से जिन स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की उनके परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
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