Ajmer: मां से मारपीट और पिता के बर्ताव ने इतना झकझोरा कि 4 लोगों की कर दिया मर्डर, कैसे रची कांग्रेस नेता की हत्या का साजिश

Ajmer Murder Case: अजमेर जिले के किशनगढ़ के बोराड़ा थाना इलाके में बीते दिन श्रीरामपुरा गांव चार हत्याओं से हर कोई दहल गया था। सड़क किनारे जलती कार में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी (45), उनकी मां पूसा देवी (92) और भांजी महिमा (32) के जले हुए शव मिले थे। रामसिंह की दूसरी पत्नी और जिला परिषद सदस्य सुरज्ञान देवी का अधजला शव खेत में मिला था। पहली नजर में मामला सड़क हादसा लगा था लेकिन कुछ ही घंटों में शाम तक पुलिस ने खुलासा कर दिया था कि ये हादसा नहीं हत्या थी। जो कि कांग्रेस नेता की पहली पत्नी ने अपने बच्चों के साथ मिलकर रची थी। लेकिन अब इस मामले में जो खुलासा हुआ है, उसने तो हर किसी को अंदर तक हिला कर रख दिया। इस हत्या में पहली पत्नी सुनीता तो शामिल थी ही लेकिन साजिश रची उनके नाबालिग बेटे ने।
घरेलू विवाद बना वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता चौधरी, उसका 17 साल बेटा और 19 साल की बड़ी बेटी घरेलू विवाद और तनाव के कारण लंबे समय से नाराज थे। बेटा प्रथम वर्ष का छात्र है, जबकि बेटी IAS की तैयारी कर रही है। रामसिंह ने सुनीता से पहली शादी 2005 में की थी। जिससे उन्हें दो बच्चे थे। इसके बाद 6 साल पहले 2019 में उन्होंने सुरज्ञान से दूसरी शादी (लव मैरिज) की वो भी सुनीता की मर्जी के खिलाफ और बिना तलाक दिए। दूसरी शादी के बाद से ही पहली पत्नी सुनीता और उनके दोनों बच्चों को दरकिनार कर दिया गया। जिसके चलते घर में आए दिन झगड़े शुरू हो गए।
दोनों बच्चे खासकर नाबालिग बेटा अपनी मां के प्रति पिता का ये बर्ताव देखकर खून के आंसू के घूंट पीकर रहने लगा था। उसे ये बात बहुत अखरने लग गई थी। पुलिस की पूछताछ में बेटे ने ये भी बताया कि उसका पिता रामसिंह शराब के नशे में उसकी मां को मारता-पीटता था, गाली-गलौच करता था वो भी उनके सामने ही। इतना ही नहीं उनकी मां को उनका पिता मुर्गा बनाकर पीटता था। हर छोटी-छोटी बात पर उसकी मां को पूरे घर और दूसरी पत्नी के सामने बेइज्जत किया जाता था। जिससे उसके मन में अपने पिता के प्रति काफी गुस्सा और मां के प्रति दर्द पैदा हो गया था। इसलिए वो अपने पिता को जान से मारना चाहता था। हत्या के दिन भी उसने अपना ये पूरा प्लान अपनी मां को बहन को बताया था।
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पांच महीने पहले खरीदा चाकू, वेब सीरीज से लिया आइडिया
हत्या के लिए नाबालिग बेटे ने पांच महीने पहले ऑनलाइन धारदार चाकू खरीदा था। वो थ्रिलर वेब सीरीज देखता था, जिससे हत्या के तरीके सीखता था।
कब-कैसे हुई वारदात
27 मई देर रात करीब 2 बजे गहरी नींद में सो रहे रामसिंह पर बेटे ने कान में चाकू घोंपा। शोर सुनकर उनकी दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी पहुंचीं और चाकू छीनने की कोशिश की, उसे भी चाकू मारा। चीखें सुनकर पूसा देवी और महिमा कमरे में पहुंचीं। सुनीता को लगा कि इन दोनों ने हत्या करते हुए देख लिया है तो उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। इन तीनों की मौत तो वहीं पर ही हो गई थी, लेकिन सुरज्ञान जिंदा थी, उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन उसे भी सभी ने मरा हुआ समझ लिया।
इसके बाद चारों को नाबालिग बेटे ने स्कॉर्पियो में डाला। अपने ट्रैक्टर से डीजल लाया औऱ फिर फार्म हाउस से 500 मीटर दूर कार ले जाकर उस पर डीजल डालकर आग के हवाले कर दिया। ताकि ये पूरी घटना एक हादसा लगे। लेकिन सुरज्ञान देवी जिंदा थी. उसके बगल का दरवाजा खुल गया था और जलते हुए ही वो बाहर निकल कर आई और खेत में गिर पड़ी।
गांव वालों ने सुबह 5:30 बजे सड़क किनारे धधकती कार देखकर पुलिस को सूचना दी। कार में तीन शव मिले, जबकि सुरज्ञान देवी खेत में मिलीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शक कैसे हुआ
घटना के बाद सुनीता और दोनों बच्चे ग्रामीणों के बीच बैठकर रोते-बिलखते दिखे, लेकिन बेटा बहुत नॉर्मल था। आराम से चाय पी रहा था। सबसे बड़ी ये थी कि जब इन लोगों को ये बताया कि उनके परिवारीजन कार में जले हुए मिले हैं, तो ये लोग मौके पर भी नहीं गए ना ही अस्पताल गए। बस घर में ही रोते रहे। यही बर्ताव पुलिस के गले नहीं उतरा। जब पुलिस ने सुनीता से कड़े शब्दों में पूछताछ की तो सारा मामला सामने आया।
पुलिस ने पहली पत्नी सुनीता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग बेटे और बेटी को डिटेन किया गया है। मृतक रामसिंह की मां पूसा देवी भी गांव की सरपंच रह चुकी थीं।
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